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मौसम की मार:दिनभर गर्मी के बाद शाम को तेज बारिश, फसल को नुकसान

राजनांदगांवएक वर्ष पहले
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  • तैयार हो चुकी धान की फसल में कीट का भी प्रकोप, जिले में फिलहाल तापमान में गिरवाट की कोई संभावना नहीं

मानसून विदाई से पहले फिर रह-रहकर बरस रहा है। रविवार को पूरे दिन धूप व खुले मौसम के बाद अचानक बारिश हुई। दोपहर 4 बजे करीब 20 मिनट तक तेज बारिश शहर में दर्ज की गई है। जिले के कुछ हिस्सों में भी रविवार हो हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने इसे खाड़ी में बने सिस्टम का असर बताया है। इधर अब हो रही बारिश के चलते तैयार हो चुकी धान की फसल पर बुरा असर पड़ रहा है। जल्द तैयार होने वाली धान की किस्म में फफूंद और कीट प्रकोप का खतरा बढ़ते जा रहा है। इसके लिए किसानों को उपचार की सलाह कृषि विभाग ने दी है। जिसके चलते अंतिम दौर में भी धान की फसल के लिए किसानों को अधिक लागत लगाना पड़ रहा है। किसानों की माने तो हरुना किस्म की धान अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। ऐसे में अब होने वाली बारिश इसके लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बारिश के सिस्टम के बाजवूद तापमान स्थिर बना हुआ है। बीते सप्ताह भर से अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री के आसपास है। भारी उमस ने भी लाेगों को परेशान कर रखा है। चंद्रा ने बताया कि फिलहाल तापमान में गिरावट के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।

द्रोणिका के असर से आज भी बारिश के संकेत
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून द्रोणिका गंगानगर, रोहतक से दीघा और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक द्रोणिका उप हिमालयन क्षेत्र से उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक स्थित है। इसके असर से सोमवार को भी जिले सहित प्रदेश में बारिश के संकेत मिल रहे हैं। वर्तमान में बनी स्थिति से अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार मानसून की विदाई भी देर से होगी। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में मानसून की विदाई संभव है।

दिवाली के पहले शुरू हो जाएगी फसल की कटाई
कीट प्रकोप से बचने दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इस बार बारिश जरूरत के मुताबिक हुई है। जिले में बारिश का औसत कोटा लगभग पूरा हो गया है। इसके चलते इस बार किसानों को धान की फसल के बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी है। किसानों ने भी इस बार बंपर पैदावार की बात कही है। अधिमास के चलते दिवाली भी इस बार एक माह देर से है, ऐसे में दिवाली के पहले ही फसलों की कटाई तेजी से शुरू हो जाएगी। त्योहार के पहले किसानों की उपज मंडियों में बिकने पहुंच जाएगी।

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