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अमृत महोत्सव:हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा, इसका सम्मान हमारा नैतिक दायित्व- पालीवाल

देवगढ़8 दिन पहले
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  • हिंदी दिवस के कार्यक्रम की अध्यक्षता भावना पालीवाल ने की

हम आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव मना रहे है। 75 वर्षों में हमने कई रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ा है। ऐसे में अब एक राष्ट्र और एक भाषा की परंपरा विकसित होनी चाहिए। कहा जाता है कि मातृभाषा किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है। भाषा नागरिकों की पहचान होती है। अपनी प्रतिभा को मातृभाषा के जरिए नए पंख लगाकर उड़ने के लिए हिंदी एक श्रेष्ठ माध्यम है। यह विचार वक्ताओं ने रखा। हिंदी दिवस के कार्यक्रम की अध्यक्षता भावना पालीवाल ने की।

पालीवाल ने कहा की हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा, उसका यथोचित सम्मान करना सभी का नैतिक दायित्व, हिंदी ही राष्ट्र की आत्मा, इसे हृदय से स्वीकार करें। नेहरू युवा केंद्र संगठन की राष्ट्रीय स्वयंसेविका अवंतिका शर्मा और मंडल की पर्यावरण प्रभारी भावना सुखवाल ने बताया कि हिंदी के संवर्धन के लिए हम हिंदी में बोलें एवं लिखें। इस दाैरान खुशी, पल्लवी, सुनीता, किरण, द्रोपती, ललिता कंवर, सुमित्रा देवी माैजूद रहे। आमेट| ज्ञानोदय उच्च माध्यमिक स्कूल में निबंध और स्लोगन प्रतियोगिता कर हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राधेश्याम जोशी ने की। इस दौरान प्रधानाध्यापिका मीनाक्षी शर्मा, संस्था निदेशक दिनेश शर्मा गंभीरसिंह राठौड़, कुलदीप शर्मा, लोकेश आमेटा, राजेंद्रसिंह सहित स्टाफ मौजूद रहा।

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