पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अच्छी पहल:इंसानियत अभी जिंदा है: संक्रमित बुजुर्ग बेड से उठ नहीं पा रहे थे, जागरूक युवा ने की सेवा, दोनों टाइम देते रहे भोजन व दवा, अब स्वास्थ्य में सुधार

राजनांदगांव2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • बुजुर्ग के परिजन विशाखापट्टनम में रहते हैं, कौमी एकता समिति के अध्यक्ष हबीब मिर्जा खुद कर रहे सेवा

विशाखापट्टनम निवासी मोहम्मद अली अंसारी उम्र 85 साल शहर में किराए पर रहते हैं। कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। मुस्लिम जमात की ओर से बसंतपुर स्थित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बुजुर्ग को निमोनिया की भी शिकायत है। बेड से उठ नहीं पा रहे थे।

इस समस्या को देखते हुए कौमी एकता समिति के अध्यक्ष मिर्जा हबीब बेग ने इंसानियत का फर्ज अदा करते हुए उक्त बुजुर्ग की देखरेख का जिम्मा उठाया है। बुजुर्ग के तीन बेटे हैं जो कि विशाखापट्टनम में रहते हैं। उन्हें सूचना भेज दी गई है पर वे नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में अकेले बीमार बुजुर्ग के इलाज में परेशानी आ रही थी पर शहर के जागरूक युवा हबीब मिर्जा ने नेकी के लिए कदम बढ़ाया तो बुजुर्ग को राहत मिल रही है। सुबह-शाम भोजन और दवाइयां देने का काम स्वयं कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी मदद की जा रही है। बड़ी बात यह है कि संक्रमित बुजुर्ग की सेवा करने कोई सामने नहीं आ रहा था पर मिर्जा ने अपनी परवाह न करते हुए बुजुर्ग की सेवा जारी रखी है।

अपनों का सपोर्ट जरूरी
मिर्जा ने बताया कि ऐसे संकट के समय में बीमार लोगों को दवाइयों से कहीं ज्यादा अपनों सपोर्ट की जरूरत है। परिजनों का सपोर्ट नहीं मिलने पर मानसिक रूप से ज्यादा बीमार हो जाते हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से अस्पताल स्टॉफ भी सभी की ओर ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसलिए उक्त बुजुर्ग की देखरेख शुरू की है।

पहले से बेहतर स्थिति
जब से समय पर भोजन और दवाइयां दी जा रही है तब से बुजुर्ग की सेहत में तेजी से सुधार आया है। मिर्जा ने बताया कि बुजुर्ग का सीटी स्कैन भी कराया गया, जिसमें निमोनिया की रिपोर्ट आई है। इस हिसाब से भी इलाज चल रहा है। उक्त मरीज के लिए बाहर से भी दवाइयां लाकर दे रहे हैं ताकि जल्द स्वस्थ हो सकें।

संक्रमण का खतरा पर इंसानियत जरूरी
बुजुर्ग कोरोना संक्रमित हैं पर हबीब मिर्जा बेझिझक सेवा कार्य में जुटे हैं। कहते हैं कि संक्रमण का खतरा तो है पर इंसानियत जरूरी है। अगर मदद नहीं की जाएगी तो बीमार को ठीक कर पाना मुश्किल है।

खबरें और भी हैं...