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यह हाल:अस्पताल की शिफ्टिंग में कोरोना का रोड़ा मरीज घटते ही अब फिर से शुरू हुई तैयारी

राजनांदगांव10 दिन पहले
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  • पेंड्री में बनी बिल्डिंग में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल संचालित होना है पर यहां कोविड हॉस्पिटल चल रहा है

पेंड्री में करोड़ों रुपए खर्च कर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की बिल्डिंग बनाई गई है पर कोरोना संक्रमण की वजह से डेढ़ साल से यहां शिफ्टिंग अटकी हुई है। हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से शिफ्टिंग की तैयारी डेढ़ साल पहले भी की गई थी पर अचानक कोरोना की पहली लहर ने दस्तक दी। वहीं इसके बाद तैयारी की गई तो दूसरी लहर ने कोहराम मचा दिया और फिर से पूरी प्लानिंग धरी की धरी रह गई।

एक बार फिर कोरोना संक्रमितों की संख्या कम होते ही हॉस्पिटल प्रबंधन ने शिफ्टिंग की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए राज्य शासन से बजट की मांग भी की गई है। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल वर्तमान में बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। पूरी बिल्डिंग जिला अस्पताल के हिसाब से बनाई गई है। इसलिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के कई विभागों के लिए यहां जगह की कमी बनी हुई है। बिल्डिंग नहीं होने की वजह से जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मर्ज कर दिया गया। इसके बाद से यहां हॉस्पिटल संचालित है।

इसलिए हो रही परेशानी
विभाग प्रमुखों की ओर से जगह के अभाव के चलते हो रही परेशानियों से प्रबंधन को अवगत भी करा दिया गया है। मेडिकल कॉलेज के हिसाब से यहां पर ओटी की कमी बनी हुई है। पेंड्री अस्पताल में ओटी है पर यहां अभी केवल कोरोना के मरीजों का ऑपरेशन होता है। मेडिकल कॉलेज में ओपीडी संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग जरूरी हो गया है।

सिर्फ 6 मरीज ही बचे
राहत की बात है कि कोविड-19 हॉस्पिटल में कोरोना के केवल 6 मरीज ही इलाज करा रहे हैं। 294 बेड खाली हैं। डेढ़ साल में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है कि इतने बेड खाली हुए हैं। राहत की बात यह भी है कि अब यहां ऑक्सीजन को लेकर आपाधापी नहीं मच रही है। दो माह पहले ऑक्सीजन की सप्लाई की व्यवस्था भी लड़खड़ा गई थी।

विभागवार कर रहे तैयारी
अस्पताल की शिफ्टिंग के लिए विभागवार तैयारी की जा रही है। किस विभाग में कौन सी मशीनें हैं। कितने बेड शिफ्ट होंगे। यहां मौजूद संसाधनों के हिसाब से परिवहन का खर्च कितना आएगा? यह ब्योरा तैयार कर रहे हैं। सीटी स्कैन, एक्स-रे मशीन से लेकर अन्य हैवी मशीनों को भी नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने समय लगेगा। पुरानी बिल्डिंग की वजह से परेशानी हो रही है।

इससे डॉक्टर्स और स्टाफ को भी मिलेगी राहत
नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग से मरीजों के साथ ही उनके मदद के लिए आए परिजनों की सुविधाएं बढ़ जाएंगी। नई बिल्डिंग में परिजनों के ठहरने की भी व्यवस्था होगी। विभागवार ऑपरेशन थियेटर होगा। डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टॉफ सहित अन्य कर्मचारी वर्तमान में बसंतपुर अस्पताल तक रोज सफर तय करते हैं। पेंड्री में अस्पताल शुरू होते ही आने-जाने की परेशानी दूर हो जाएगी। अभी कई स्टाफ पेंड्री आवासीय परिसर में रहते हैं पर इन्हें ड्यूटी के लिए शहर आना पड़ता है।

शासन को पत्र लिखे हैं
इसलिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग पर जोर दिया जा रहा है। हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. संदीप चंद्राकर ने बताया कि शिफ्टिंग के लिए राज्य शासन से बजट की मांग की गई है। विभागीय स्तर पर तैयारी चल रही है। बजट मिलने पर शिफ्टिंग शुरू किया जाएगा।

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