यूथ फेस्टिवल में दिखेंगी 20 पेंटिंग्स:लॉकडाउन ने सहायक संचालक अविनाश भट्‌ट को बना दिया उम्दा कलाकार, कैनवास पर मासूम चेहरे, चमकती आंखें, उम्मीदों के रंग

राजनांदगांव2 महीने पहले
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ये पेंटिंग्स दिखेंगी एक्जीबिशन में। - Dainik Bhaskar
ये पेंटिंग्स दिखेंगी एक्जीबिशन में।

अविनाश भट्‌ट...। हैं तो ये छत्त्तीसगढ़ शासन संपरीक्षा विभाग में सहायक संचालक लेकिन ये एक उम्दा कलाकार भी हैं। पेंटिंग का शौक बचपन से लेकिन पिछले लॉकडाउन में उन्होंने खाली समय में अपनी कला को निखार लिया। उनके कैनवास पर मासूम चेहरे, चमकती आंखें और उम्मीदों के रंग साफ झलकते हैं। आम जीवन में अपने आसपास दिखने वाले सामान्य चेहरों की विशिष्ट झलक उकेरना उनकी खासियत है।

सांईनाथ फाउंडेशन के द्वारा एक से तीन अक्टूबर तक स्व. लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित यूथ फेस्टिवल में उन्हें एक्जीबिशन के लिए आमंत्रित किया है। उसने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम भूपेश बघेल, बांसुरी वादक पं. हरिप्रसाद चौरसिया, पार्श्वगायक एसपी बालसुब्रमण्यम, अभिनेता इरफान खान के अलावा प्रकृति और संस्कृतियों को लेकर पेंटिंग बनाई।

लॉकडाउन में काफी समय मिला, नहीं ली कोई ट्रेनिंग

अविनाथ ने बताया कि वे 10 साल से इस विभाग में हैं। इसके पहले वे शिक्षक थे। उन्होंने किसी तरह की ट्रेनिंग तो नहीं ली है लेकिन शौकिया तौर पर वे पेंटिंग करते हैं। कोरोना से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन में घर में काफी समय मिला। इस वक्त को उन्होंने इस कला को निखारने में लगाया। दो साल लगातार उन्होंने मेहनत की। बिलासपुर के एकजीबिशन में उनके अलावा दो और कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। हालांकि अविनाश की 20 तो अन्य कलाकारों की 10-10 पेंटिंग वहां प्रदर्शित की जाएगी।

कैनवास पर दिखा था मजदूरों का दर्द, सबने सराहा था

उन्होंने लॉकडाउन में एक अद्भुत पेंटिंग बनाई थी। उन्होंने पूरे देश के नक्शे के साथ मजदूरों के दर्द को बयां करती हुई पेंटिंग तैयार की थी। इसमें विभिन्न राज्यों से अपने घर लौटने वाले मजदूरों की व्यथा को शामिल किया था। पांव में छाले और मजदूर देश की अर्थव्यवस्था में भागीदार हैं, इसे बताया गया था। इस पोट्रेट की काफी सराहना भी हुई थी। यह इनकी बहुचर्चित पेंटिंग रही। ​​​​​​​​​​​​​​

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