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रमन राज में जिले में कितने उद्योग खुले:मेयर हेमा ने कहा- शिक्षित बेरोजगारों का मखौल उड़ा रहे हैं डॉ. रमन सिंह

राजनांदगांव13 दिन पहले
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  • पूछा- 15 साल तक सत्ता में रहकर राजनांदगांव में कितने उद्योग खुलवाए

महापौर एवं प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष हेमा सुदेश देशमुख ने कहा है कि स्वयं मुख्यमंत्री रहते हुए मनरेगा के कामकाज को लेकर केंद्र की मनमोहन सरकार से पुरस्कार पाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज किस मुंह से मनरेगा के श्रमिकों का माखौल उड़ा रहे हैं। प्रदेश में 15 साल तक राज करने वाले डॉ. सिंह लोगों को बताएं कि राजनांदगांव के विधायक और प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने राजनांदगांव और जिले के पढ़े-लिखे बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कितने उद्योग-धंधे, कारखाने खुलवाएं हैं।

देशमुख ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह द्वारा भूपेश सरकार में पढ़े-लिखे बेरोजगार मनरेगा में मजदूरी कर रहे हैं संबंधी दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि 15 साल तक ऐसे ही पढ़े-लिखे बेरोजगारों से मनरेगा में मजदूरी कराने वाले डॉ. सिंह आज उन्हीं लोगों का मजाक उड़ा रहे हैं। वैसे भी मनरेगा को लेकर भाजपा और उनके नेताओं का नजरिया शुरू से सकारात्मक नहीं रहा है। मोदी जी ने तो संसद में यह कहकर मनरेगा का मजाक उड़ाया था कि 21वीं सदी में गांवों के लोग गड्ढे खोदें, यह मैं होने नहीं दूंगा। मेरे विचार से मनरेगा को बंद कर देना चाहिए और अब उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए डॉ. सिंह मनरेगा में काम करने वाले लोगों की मजाक उड़ा रहे हैं।

रमन राज में जिले में कितने उद्योग खुले: महापौर ने कहा कि वर्ष 2013 के मई माह में डॉ. सिंह ने विकास यात्रा के माध्यम से राजनांदगांव जिले का भ्रमण कर स्वयं अपनी पीठ थपथपाई थी और उस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा था कि जिले में बहुत जल्द दो बड़े उद्योग खोले जाएंगे, जिससे हजारों बेरोजगारों को काम करने का अवसर मिलेगा। डॉ. सिंह उस विकास यात्रा के बाद पांच साल तक और मुख्यमंत्री बने रहे, किंतु जिलेवासियों को कोई बड़ा उद्योग-धंधा या कारखाने खोलकर लोगों को रोजगार देने में नाकाम रहे और अब जबकि सत्ता उनके हाथ से चली गई है, तब वे लोगों को भ्रमित करने और अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए उलजुलूल बयानबाजी करते आ रहे हैं।

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