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मुसीबत में जननी:बसंतपुर अस्पताल में भर्ती ही नहीं ले रहे, दोपहर दो बजे के बाद गर्भवतियों को नो रिस्पांस

राजनांदगांव8 महीने पहले
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  • संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड का बुरा हाल

बसंतपुर स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है पर यह सिर्फ नाम का रह गया है। सबसे बेकार स्थिति यहां संचालित 100 बेड के मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट की है। यहां डॉक्टरों की कमी बताकर गंभीर रूप से पीड़ित गर्भवतियों को दोपहर दो बजे के बाद तो रिस्पांस ही नहीं मिल रहा है। भर्ती ही नहीं कर रहे हैं। इस चक्कर में दर्द से कराहती गर्भवतियों के परिजनों का कॉल आने पर महतारी एक्सप्रेस की टीम भी रिस्पांस नहीं दे पा रही है। ब्लॉक स्तर से रेफर किए गए क्रिटिकल केस को मजबूरी में दुर्ग, भिलाई के सरकारी या फिर प्राइवेट अस्पताल भेज रहे हैं। जिले में ब्लॉक स्तर पर संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नॉर्मल डिलीवरी की सुविधा दी गई है। यहां के डॉक्टर नॉर्मल डिलीवरी के केस हैंडल कर लेते हैं पर बीपी, शुगर सहित अन्य दूसरी बीमारी से पीड़ित गर्भवतियों का ट्रीटमेंट करने वहां सुविधा ही नहीं है। दूसरी बीमारी से पीड़ित गर्भवती के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने पर डॉक्टर सीधे हायर सेंटर बतौर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज रहे हैं।

आप भी जानिए, किस तरह से बढ़ रही है गर्भवती महिलाओं व परिजन की परेशानी
केस-1:
गंडई क्षेत्र से एक गर्भवती को परिजन प्राइवेट वाहन कर बसंतपुर अस्पताल लेकर पहुंचे थे पर भर्ती लेने से मना कर दिया गया। मजबूर होकर परिजनों ने शहर के एक निजी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी कराई पर 35 हजार चुकाना पड़ा।

केस-2: बसंतपुर राजीव नगर क्षेत्र की एक गर्भवती परिजन अस्पताल लेकर पहंुचे। महिला बीपी की मरीज थी। तत्काल रिस्पांस देना छोड़कर पड़ोसी जिले दुर्ग अस्पताल जाने की सलाह दी गई। परेशान परिजनों ने शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

केस-3: खैरागढ़ के कामठा निवासी एक गर्भवती के परिजनों ने सोमवार को प्रसव पीड़ा उठने पर महतारी एक्सप्रेस में कॉल किया पर रिस्पांस नहीं मिला। परिजन मजबूर होकर पड़ोस के दुर्ग जिला अस्पताल ले गए, तब महतारी एक्सप्रेस टीम का कॉल आया।

दुर्ग में भर्ती कर रहे
खैरागढ़, गंडई, छुईखदान, साल्हेवारा क्षेत्र से ऐसे क्रिटिकल केस आने पर महतारी एक्सप्रेस की टीम दो बजे के बाद राजनांदगांव अस्पताल की बजाय सीधे दुर्ग के जिला अस्पताल पहुंचा रही है।

इन्हें प्राइवेट में जाना पड़ रहा: मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी क्षेत्र के रहवासियों को इस संकट काल में सबसे ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है। दरअसल गंभीर पीड़ित गर्भवती को इस क्षेत्र से रेफर किया जाता तो महतारी एक्सप्रेस की टीम सुविधा नहीं दे पा रही, क्योंकि सरकारी अस्पताल में भर्ती नहीं लेने पर महतारी एक्सप्रेस एम्बुलेंस के चालक मरीज को निजी अस्पताल नहीं ले जा सकते। ऐसे में परेशानी बढ़ रही है।


सीधी बात
डॉ. प्रदीप बेक, अधीक्षक

सवाल - दो बजे के बाद क्रिटिकल केस नहीं लिए जा रहे हैं?
- हां डॉक्टरों की कमी है। सुबह से 2 बजे तक सिजेरियन डिलीवरी करा रहे।
सवाल - दो माह से यह अव्यवस्था है? डॉक्टर क्यों नहीं रखे गए हैं?
- जल्द ही दो डॉक्टर ज्वॉइन करने वाले हैं, एचओडी की तबीयत खराब है।
सवाल - वैकल्पिक व्यवस्था तो बनानी थी पर ऐसी लापरवाही कैसे हो रही है?
- कोरोना के चलते ज्यादातर डॉक्टर संक्रमित हो गए। इसलिए व्यवस्था लड़खड़ाई।

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