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कमजोर पड़ा कोरोना:अब 8% तक ही मिल रहे केस

राजनांदगांव10 दिन पहले
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  • अस्पतालों में बिस्तर की कमी भी दूर हो गई

जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पहले से कम हुई है। अगस्त और सितंबर माह में जिस रफ्तार के साथ लोग संक्रमित हो रहे थे, उससे कुछ हद तक अब राहत मिली है। हालांकि अभी ग्रामीण क्षेत्र से ज्यादा केस मिल रहे हैं पर प्रति 100 सैंपल में केवल 7 से 8 प्रतिशत लोग ही पॉजिटिव आ रहे हैं जबकि दो माह तक 100 सैंपल में 18 से 19 प्रतिशत पॉजिटिव केस निकलने से संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा था। जिले में 7 माह के भीतर अब तक 97,987 सैंपलिंग हुई है। इनमें से केवल 10,583 लोग ही संक्रमित पाए गए हैं। यानी की 87,404 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई। इतने सैंपलों में 9.78 प्रतिशत ही पॉजिटिव आ पाए, हैं। मार्च में जब संक्रमण का दौर शुरू हुआ तब विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। यहां तक सैंपल जांच 150 से 200 तक सिमटा हुआ था। ज्यादातर मरीज बिना लक्षण वाले सामने आने की वजह से हाेम आइसोलेशन की सुविधा दी गई। इसके बाद से अस्पतालों में बेड की कमी की समस्या दूर हुई। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से संसाधनों में बढ़ोतरी कर सैंपलिंग की संख्या बढ़ाई गई। अब रोज 17 से 18 सौ तक सैंपलिंग हो रही है पर पॉजिटिव 7 से 8 प्रतिशत तक ही निकल रहे हैं। सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी ने बताया कि वर्तमान में उन्हीं लोगों का सैंपल ले रहे हैं जो कि दूसरे संक्रमित के संपर्क में आएं हैं या फिर सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित हैं।

पहले ऐसी थी स्थिति
सैंपल लेने के बाद जांच के लिए एम्स रायपुर भेज रहे थे। रिपोर्ट के लिए 7 से 8 दिन तक इंतजार करते थे। रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को सीधे कोविड अस्पताल में भर्ती किया जा रहा था। स्थिति यह थी कि इनमें कई मरीज बिना लक्षण वाले थे। 10 दिन भर्ती रखने के बाद छुट्टी दे देते थे। इस बीच अगस्त और सितंबर में संक्रमण की रफ्तार बढ़ गई थी। इसके बाद ही अस्पतालों में बेड की कमी होने लगी।

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