बेमौसम बारिश से किसान परेशान:बारिश की वजह से ठप रही धान खरीदी, अब 15 दिन में शेष किसानों से खरीदी बनी चुनौती

डोंगरगढ़6 दिन पहले
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समर्थन मूल्य में धान खरीदी की मियाद इस महीने के आखिरी में खत्म हो जाएगी। लेकिन जनवरी के 15 दिनों की बात करे तो सोसायटियों में पखवाड़े भर भी खरीदी नहीं हो पाई है। लगातार मौसम बदलने की वजह से बारिश खरीदी में बाधा बन रही है, जिसके चलते किसान उपज नहीं बेच पा रहे हैं।

टोकन की तिथि हर बार बढ़ ही रही है। ऐसे में एक चुनौती यह भी बन गई है कि आने वाले 15 दिनों के भीतर सोसाइटियों में बचे हुए किसानों का धान कैसे खरीदेगी। क्योंकि बारिश के चलते पहले ही खरीदी लगातार प्रभावित हुई और उन तिथियों में जारी टोकन के बावजूद किसान धान नहीं बेच सकें।

अभी भी मौसम खुलने की संभावना नहीं दिख रही है। राज्य सरकार ने धान खरीदी की अंतिम मियाद 31 जनवरी निर्धारित की हुई है, लेकिन जनवरी के 15 दिनों में पखवाड़े भर भी खरीदी नहीं हो पाई। इधर दिसंबर महीने में उठाव की गति धीमी रही है। बारिश की वजह से जमीन गीली हो चुकी है और उठाव के लिए मिलर्स फिलहाल ट्रक इसलिए नहीं भेज रहे है क्योंकि गाड़ी गीली जमीन में फंस सकती है।
सोसाइटियों में बारदाना संकट फिलहाल नहीं
खरीदी के शुरुआती दौर में बारदाना संकट गहराया हुआ था। जिसके बाद सरकार ने किसानों को 50 प्रतिशत बारदाना लाना अनिवार्य कर दिया। लेकिन खरीदी के अंत में यानी जनवरी माह में बारदाना की कमी सोसाइटियों में नहीं देखी जा रही है। किसानों को स्वयं का बारदाना लाने के लिए अनिवार्य भी नहीं किया जा रहा है। यदि किसान बारदाना लाते हैं तो 25 रुपए प्रति दर से भुगतान भी किया जाएगा।

समय पर उठाव तो शुरु हुआ, गति नहीं बढ़ी
सोसाइटियों में खरीदी के साथ ही मिलर्स ने उठाव भी शुरु कर दिया था। क्योंकि समितियों ने सूखत के चलते नुकसान के लिए जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया था। इसलिए सरकार ने ट्रांसपोर्टरों पर दबाव बनाकर समय पर उठाव शुरु करा दिया। लेकिन प्रत्येक सोसाइटियों से दिनभर में दो-चार ट्रक ही उठाव हुआ। अब बारिश से उठाव प्रभावित है। मार्कफेड ने भी उठाव की गति नहीं बढ़ाई है।

मेंढ़ा में सबसे अधिक धान खरीदी, बोरतलाव में कम
मेंढ़ा सोसायटी से मुड़पार अलग समिति बन चुका है। फिर भी डोंगरगढ़ बैंक के अंतर्गत आने वाले सभी सोसायटियों में सबसे अधिक खरीदी मेंढ़ा में हुई है। यहां पर 61 हजार 750 क्विंटल धान खरीदी हुई है, जबकि सबसे कम 20 हजार 441 क्विंटल खरीदी बोरतलाव में हुई है। इसके अलावा पनियाजोब, ठाकुरटोला, मुड़पार, ढ़ारा, अछोली, मुसरा व बेलगांव में भी खरीदी फिलहाल प्रभावित है।

बारिश की वजह से खरीदी प्रभावित हुई है: पर्यवेक्षक
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा डोंगरगढ़ के पर्यवेक्षक कुलशेर सिंह ने बताया कि फिलहाल 31 जनवरी ही धान खरीदी की अंतिम तिथि निर्धारित है। इस महीने बारिश की खलल से लगातार खरीदी प्रभावित हुई है। इसलिए परेशानी हुई है। अब खरीदी की तिथि और बढ़ेगी या नहीं यह शासन स्तर का मामला है। सभी खरीदी केंद्रों में धान सुरक्षित है। जिले में मौजूदा स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

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