अभियान:घर से निकल रहे लोग, अब भ्रम भी टूटने लगा कि सैंपल देने से कोरोना पॉजिटिव हो जाएंगे

राजनांदगांवएक वर्ष पहले
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  • श्रमिक वार्डों में पार्षदों व मितानिनों की मदद से लक्षण वाले मरीजों को सैंपल देने सामने ला रहे

एक युद्ध, कोरोना के विरुद्ध अभियान चलाकर स्वास्थ्य विभाग की ओर लोगों को जागरूक किया गया। सामाजिक संगठनों से लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी इस अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। इसी का ही असर है कि रोजाना एंटीजन सैंपलिंग की संख्या बढ़कर 18 सौ तक पहुंच गई है। रोज बड़ी संख्या में लोग सैंपल देने अब सामने आने लगे हैं। मोबाइल यूनिट को वार्डों में भेजकर तत्काल सैंपल लेकर रिपोर्ट दी जा रही है। मरीजों को लक्षण देखकर कोविड अस्पताल या फिर घर पर आइसोलेट किया जा रहा है। यही वजह है कि होम आइसोलेट मरीजों की संख्या 12 सौ तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपलिंग की शुरुआत की गई तब जिलेभर से मुश्किल से 150 से 200 सैंपल लिए जा रहे थे। यहां एंटीजन और ट्रू-नॉट जांच की संख्या बढ़ाने के बाद जांच रिपोर्ट भी तत्काल मिलने लगी तब से सैंपलिंग दर में बढ़ोतरी हुई है।

जानिए, ऐसे कम हुआ संक्रमण
लोग इस भय से सैंपल देने सामने नहीं आ रहे थे कि सैंपल कराने पर कोरोना मरीज बता दिया जाएगा पर सैंपलिंग की संख्या बढ़ने के साथ यह भ्रम टूटने लगा है। दरअसल 100 सैंपल में केवल 15 से 20 लोग ही संक्रमित मिल रहे हैं। एंटीजन के 100 सैंपल में पॉजिटिव आने वाले मरीजों का प्रतिशत केवल 7.19 है। यह रिपोर्ट आने के बाद अब लोग सैंपल देने सामने आ रहे हैं।

श्रमिक वार्डों पर ज्यादा फोकस
श्रमिक वार्ड बसंतपुर राजीव नगर में रविवार को मोबाइल यूनिट के पहुंचने पर सर्दी, खांसी, बुखार सहित अन्य बीमारी से पीड़ित लोग सैंपल देने निकले थे। विशेषकर महिलाएं जागरूक नजर आ रहीं हैं। बसंतपुर वार्ड में एक महिला ने बताया कि उसे सर्दी, खांसी की शिकायत थी। इसलिए वह सैंपल देने पहुंची है ताकि परिवार के दूसरे लोग संक्रमित न हो जाएं। इसे लेकर एहतियात बरतने कहा जा रहा है।

राहत: सामुदायिक संक्रमण नहीं
हाल ही में जिले में सीरो सर्वे हुआ था। इससे स्पष्ट हो गया है कि जिले में सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नहीं है। दरअसल सीरो सैंपल पॉजिटिव केस कम निकले हैं। सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि सीरो सर्वे में पता चल गया था कि लोगों तक संक्रमण नहीं फैला है। जबकि दूसरे जिले में सीरो सैंपल में पॉजिटिव ज्यादा सामने आए। जिले में 3 प्रतिशत पॉजिटिव आए थे।

वार्ड में ही मिल रही सुविधा
मोबाइल यूनिट को विशेषकर उन वार्डों में भेजा जा रहा है जहां पर कोरोना के खिलाफ चलाए गए युद्ध के दौरान लोग सैंपल देने सामने नहीं आए थे। इस मोबाइल यूनिट में लैब संचालित है। सैंपल लेने के बाद तत्काल रिपोर्ट दी जा रही है। वार्ड में यूनिट के पहुंचने से लोगों को सैंपल देने बाहर नहीं जाना पड़ रहा है। पार्षद ऋषि शास्त्री ने बताया कि वे घर-घर जाकर लोगों को समझाइश दे रहे हैं कि जांच कराने से कोरोना नहीं होता बल्कि इससे बचा जा सकता है।

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