लापरवाही का नतीजा / 15 दिन में ही राजनांदगांव बना हॉटस्पॉट क्योंकि लोगों ने छिपाई जानकारी, मॉनिटरिंग में भी ढिलाई

Rajnandgaon became a hotspot within 15 days because people hid information, even relaxed monitoring
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Rajnandgaon became a hotspot within 15 days because people hid information, even relaxed monitoring

  • सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ, संसाधनों की कमी के चलते भी संक्रमण बढ़ा, अब भी खतरा टला नहीं

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

राजनांदगांव. जिले में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद संपूर्ण लॉकडाउन लागू हुआ। इस बीच 25 मार्च को शहर के भरकापारा में सिर्फ एक कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया था। इस केस के बाद लोग इतने सतर्क थे कि घर से बाहर निकलने से कतराते रहे। प्रोटोकाल का पालन कर रहे थे पर जैसे ही लॉकडाउन में थोड़ी छूट दी गई। लोग इस कदर बेपरवाह हो गए कि लापरवाही की हर हदों को पार कर दिया। 
यही वजह है कि पूरे जिलेभर में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 274 तक जा पहंुंचा। इस वजह से कोरोना का सामुदायिक संक्रमण फैल गया। अब इस चैन को तोड़ने की चुनौती बनी हुई है। लापरवाही की वजह से राजनांदगांव हॉटस्पॉट बन गया। वर्तमान में यह जिला कोरोना संक्रमण के मामले में टॉप थ्री जिलों में शामिल है। 15 जून को सेठीनगर में एक व्यक्ति की मौत के बाद एक पखवाड़े में ही जिला मुख्यालय हॉटस्पॉट बन गया। 
हॉटस्पॉट बनने की सबसे बड़ी वजह
सोशल डिस्टेंसिंग भूले:
लॉकडाउन में ढील के बाद बाजार खुले। लोग सोशल डिस्टेंस भूल गए। खरीदी करने ऐसे जुटे कि प्रशासन को दो बार बाजार स्थल बदलना पड़ा। लोग सामान खरीदने घर से निकलने लगे। 
जागरूकता की कमी: कोरोना को लेकर जागरूकता की कमी सामने आई। सेठीनगर में ही जिस परिवार में दो मौत हुई। ये लोकल डॉक्टर के चक्कर में रह गए। संक्रमित होने के बाद भी काम करते रहे। इससे परेशानी बढ़ी। 
जानकारी छिपा रहे: दूसरे राज्यों से कई लोग राजनांदगांव लौटे पर जानकारी छिपाई। होम क्वारेंटाइन नहीं हुए और दूसरों को भी संक्रमित कर दिया। गंज लाइन, अंबागढ़ चौकी क्षेत्र व अन्य जगहों में संक्रमण बढ़ा। 
कंटेनमेंट जोन बना मजाक: प्रशासन ने कोरोना पॉजिटिव सामने आने पर कंटेनमेंट जोन तो घोषित किया गया पर लोगों ने इसका पालन नहीं किया। कंटेनमेेंट जोन में लोग बाहर वाहन खड़ी कर आते-जाते रहे। 

संसाधनों की कमी भी बड़ी वजह
सैंपल जांच की सुविधा नहीं: सैंपल जांच के लिए सुविधा नहीं है। प्रशासन यहां लैब तैयार नहीं करवा पाया है। इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी नहीं है। पेंड्री मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में जगह है। 
रिपोर्ट में भी देरी: सैंपल लेकर जांच के लिए एम्स भेजा जाता है। रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लग जाते हैं, तब तक संक्रमित दूसरों के संपर्क में आ जाता है। होम आइसोलेट नहीं हो रहे
पर्याप्त सुविधा नहीं दे पाए: प्रवासी मजदूरों का जब आना जारी था तब ये मालवाहक या अन्य वाहनों में बैठकर जिले में प्रवेश किए। भीड़ के बीच आवाजाही हुई। इससे भी परेशानी बढ़ी

नगर पालिका क्षेत्र में ये वार्ड अब तक प्रभावित
लखोली में 62 से ज्यादा केस आए हैं। शंकरपुर में दो से तीन केस। सदर बाजार में एक। कैलाश नगर में एक। गंज चौक में लगभग 8 से 10 केस आए। मोतीपुर, बजरंगपुर नवागांव से एक-एक संक्रमित मिले। पुराना ढाबा वार्ड से दो केस आ चुके। भरकापारा से दो केस। सिंगदई, भरकापारा से एक-एक केस आए हैं। सिविल लाइन, मिल चाल में भी संक्रमित मिले हैं। गौरी नगर, स्टेशनपारा में कोरोना संक्रमित मिले हैं। 

प्रशासनिक चूक भी वजह
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने सात लोगों की टीम बनाई। वार्ड प्रभारियों को जिम्मा सौंपा पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती रही। टीम ने गंभीरता से काम नहीं किया।

चेन तोड़ने सर्वे का सहारा
स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमण का चेन तोड़ने कम्युनिटी सर्वे कर रही है। सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों का पता लगा रहे हैं ताकि समय रहते इनका सैंपल लेकर भर्ती कर सकें। ऐहतियात बरत रहे हैं। 
इधर, लखोली से एक और केस सामने आया : मंगलवार को संक्रमित जोन लखोली से एक और पॉजिटिव केस सामने आया। बताया गया कि उक्त संक्रमित भी दूसरे पॉजिटिव के संपर्क में आया था।

ऐसे तोड़ सकते हैं चेन 

  • सामाजिक दूरी का पालन करें, भीड़ में कहीं न जाएं। 
  • बेवजह घर से बाहर न निकले।
  • घर से निकले तो मास्क जरूर लगाएं।
  • बार-बार साबुन से हाथ धोएं, सैनेटाइजर का इस्तेमाल करें।

लोगों को प्रोटोकाल का पालन करना होगा
"कोरोना वायरस के संक्रमण चेन तोड़ने के लिए आम लोगों को प्रोटोकाल का पालन करना होगा। सामाजिक दूरी का पालन करें। बेवजह घर से बाहर न निकलें।"
-डॉ मिथलेश चौधरी, सीएमएचओ 
आवश्यक काम रहे तभी लोग घर से बाहर निकलें

"सभी को प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। आवश्यक काम रहे तभी घर से निकलें। संयम बनाकर रखें। फिलहाल कलेक्टोरेट में भी किसी तरह का कामकाज रोका नहीं जाएगा। लेकिन ऐहतियात के तौर पर केवल आवश्यक कार्य से पहुंचने वालों को ही इंट्री मिलेगी।"
-टोपेश्वर वर्मा, कलेक्टर

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