सशस्त्र सेना झंडा दिवस:सैनिकों के शौर्य व समर्पण को किया याद, लागू योजनाओं की दी जानकारी

राजनांदगांवएक महीने पहले
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जिला सैनिक कल्याण कार्यालय राजनांदगांव में मंगलवार को भारतीय सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में 38 छग एनसीसी बीएन सीओ लेफ्टि. कर्नल विवेक शर्मा, डीपीएस की प्राचार्य उर्मिला दीक्षित, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन (भारतीय नौ सेना) एसी पोखरियाल, कल्याण संयोजक अविनाश चंद्र पंत सहित बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक, उनके परिजन व नागरिक उपस्थित थे। अतिथियों व उपस्थित लोगों ने शहीदों को मौन श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर कैप्टन पोखरियाल ने झंडा दिवस मनाने के उद्देश्यों सहित पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लागू होने वाली योजनाओं के बारे में बताया। वहीं प्राचार्य दीक्षित ने सैनिकों के समर्पण, कार्यों को याद किया। मुख्य वक्ता लेफ्टि. कर्नल शर्मा ने सैनिक के शौर्य, समर्पण को याद करते हुए कैडेट्स को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन एवी पंत ने किया।

इस दिवस को मनाने के पीछे तीन मुख्य उद्देश्य
युद्ध के समय हुई जनहानि में सहयोग करना, सेना में कार्यरत कर्मियों व उनके परिवार के कल्याण और सहयोग के लिए, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण यह 3 मुख्य उद्देश्य है।

सैनिक सहायता राशि दी
कार्यक्रम के दौरान भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लागू योजना के तहत शासन से प्राप्त राशि को आवंटित किया गया। जिसमें सैनिक के एक-एक पुत्री जो सेना में कार्यरत उन्हें, सैनिक की पुत्री के विवाह सहित अन्य योजनाओं के तहत सहयोग राशि दी गई।

इस दिन शहीद सैनिकों को देते हैं श्रद्धांजलि
भारतीय सशस्त्र सेना झंडा दिवस शहीदों और देश की रक्षा के लिए जान गंवाने वाले जवानों के सम्मान में मनाया जाता है। यह दिन देश के सभी सैनिकों के लिए हैं। इस दिन शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हैं। भारत को आजादी मिलने के बाद 28 अगस्‍त 1949 को भारत सरकार द्वारा भारतीय सेना के जवानों के कल्‍याण के लिए एक कमेटी का गठन किया था, इस कमेटी ने 7 दिसंबर को प्रतिवर्ष झंडा दिवस मनाने के लिए चुना। तब से लगातार मना रहे हैं।

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