नवरात्रि से जीवन का उत्साह:दर्शनार्थियों की भीड़ देख दुकानदारों के खिले चेहरे, दो साल पाबंदी से बचत पूंजी हो गई खत्म, कर्ज लेकर काट रहे थे दिन

राजनांदगांव12 दिन पहले
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फोटो फ्रेम बनाने का काम तीन नवरात्रि के बाद अब जाकर शुरू हुआ है। - Dainik Bhaskar
फोटो फ्रेम बनाने का काम तीन नवरात्रि के बाद अब जाकर शुरू हुआ है।
  • 3 सीजन में रहा प्रतिबंध, श्रद्धालुओं के आने से दूर होगी कारोबारियों की बाधा

दो साल के तीन नवरात्रि में कड़े प्रतिबंध के बाद डोंगरगढ़ में दर्शनार्थियों की आमद शुरू हो गई है। दर्शन की अनुमति मिलते ही श्रद्धालुओं की टोली पहुंच रही है। जहां श्रद्धालुओं में मां बम्लेश्वरी के दर्शन को लेकर उत्साह है, वहीं श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ देख दुकानदारों के चेहरे भी खिल रहे हैं ।

डोंगरगढ़ के लिए इस बार कोई स्पेशल ट्रेन नहीं हैं। रेलवे रूट से एंट्री पर भी सख्ती है। लेकिन फिर भी श्रद्धालु कुछ लोकल और एक्सप्रेस ट्रेन से डोंगरगढ़ आ रहे हैं। स्टेशन के ठीक सामने मौजूद अशोका रेस्टोरेंट के संचालक मतीन ने चर्चा में बताया कि इस बार कुछ राहत की उम्मीद है। हालांकि पहले की तरह श्रद्धालु नहीं पहुंच रहे हैं। लेकिन अभी जो भी संख्या है, वह बीते तीन पर्व की तुलना में काफी हद तक राहत देने वाली है। मतीन ने बताया कि उनके रेस्टोरेंट में नवरात्रि के दौरान पहले 50 से 60 कर्मचारी काम करते थे, अभी 4 से 5 ही हैं। तीन नवरात्रि में मंदिर बंद होने के चलते शहरभर के रेस्टोरेंट संचालक बुरी तरह प्रभावित हुए। गिनती के कर्मचारियों का भी खर्च निकालना मुश्किल हो गया था।

200 से अधिक फूल प्रसादी की दुकानें
नीचे से लेकर ऊपर मंदिर और आसपास के हिस्से में 200 से अधिक फूल व प्रसादी की दुकानें हैं। प्रसादी बेचने वाले नारायण ने बताया कि मंदिर जब से बंद था, उन्हें घर चलाने मशक्कत करनी पड़ी।

दुकानदारों ने कहा- यह राहत वाली नवरात्रि, हमारे जीवन में नया बदलाव आएगा

उमेश साहू: मेरी ऊपर मंदिर के पास मनिहारी की दुकान है। मंदिर बंद होने के चलते हम बेरोजगार ही हो गए थे। जमा पूंजी के माध्यम से घर का खर्च चलाया। जो भी लगभग खत्म हो गई। इस बार मंदिर खुला है, यह हमारे जीवन के लिए नई उम्मीद है।

पुरुषोत्तम भारती: ऊपर मंदिर जाने के सीढ़ी पर मेरी जूस और कोल्डड्रिंग्स की दुकान है। इस बार हमें काफी राहत की उम्मीद है। नवरात्रि पर्व के भरोसे ही हमारा घर चलता रहा है। बीते तीन नवरात्रि में श्रद्धालु नहीं आए। जिससे स्थिति काफी कमजोर हो गई थी। अब काफी राहत मिली है।

उषा रंगारी: मै मनिहारी की दुकान लगाती हूं। मंदिर बंद था तो रिश्तेदारों से सहयोग लेकर घर का खर्च चलाना पड़ा। अब ऐसा लग रहा है कि बदलाव आएगा। बीते समय में जैसे तैसे घर चलाया। मंदिर खुलने और दर्शनार्थियों को मिली अनुमति हमारे लिए राहत भरी स्थिति है।

मेले की अनुमति तो नहीं, फिर भी श्रद्धालुओं की संख्या बेहतर
डोंगरगढ़ में इस बार भी मेले की अनुमति नहीं हैं। लेकिन कोरोना टेस्ट और वैक्सीन की दोनों डोज के बाद मंदिर परिसर और आसपास के दुकानदारों को अनुमति दे दी गई है। खास बात यह भी है कि श्रद्धालुओं की संख्या भी पर्व के दो दिन पहले से ही बेहतर रही है। श्रद्धालु सड़क रुट से ही पहुंच रहे हैं। जो पूरे नगर के लिए राहत भरी स्थिति है। मंदिर समिति ने प्रतिदिन 25 हजार श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद जताई है, इसी हिसाब से तैयारी भी की गई है। पर्व के दौरान दुकानदारों को फोटो फ्रेमिंग उपलब्ध कराने वाले अमृत आट्स के संचालक अमृत टांक ने बताया कि बीते तीन सीजन से काम पूरी तरह बंद रहा। उम्मीद है कि बीते सीजनों में हुए नुकसान की भरपाई इस बार होगी ।

लॉज संचालक नियमों में फंसे, 40% काम रह गया
डोंगरगढ़ लॉज एसोसिएशन के अध्यक्ष विनीत यादव ने बताया नगर में करीब 35 लॉज हैं। दर्शनार्थियों को अनुमति मिलने से उम्मीद है कि इस बार लॉज संचालकों को कुछ राहत जरूर मिलेगी। लेकिन प्रशासन ने निगेटिव रिपोर्ट पर ही रुम देने की सख्ती कर रखी है, जो काफी परेशान कर सकती है। यादव ने बताया कि लॉकडाउन के समय में तो लॉज संचालक बुरी तरह प्रभावित हुए, बिजली बिल चुकाना तक मुश्किल हो रहा था। लेकिन अनलॉक के बाद नगर में श्रद्धालु आ रहे हैं, इस नवरात्रि काफी छूट भी मिली है। इससे हालत सुधरने की उम्मीद है। लॉज संचालकों का काम 40 फीसदी ही रह गया है।

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