उदयपुर पैलेस के तिजोरी की चाबी गुम:खैरागढ़ में विवाद के बाद अधिकारी और राजपरिवार के सदस्य पहुंचे महल, पहली पत्नी को अंदर आने से रोका

खैरागढ़5 महीने पहले
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पैलेस का ताला खुलवाते प्रशासनिक अधिकारी। - Dainik Bhaskar
पैलेस का ताला खुलवाते प्रशासनिक अधिकारी।

खैरागढ़ रियासत के राजा देवव्रत सिंह की गत 4 नवंबर को मौत के बाद से बंद उदयपुर पैलेस का ताला गुरुवार शाम 4.53 बजे खोला गया है। इसके बाद अंदर रखी तिजोरी की चाबी की तलाश की गई। चाबी नहीं मिली तो अब वहां मौजूद अधिकारी इसे काटकर खोलने की योजना बना रहे हैं। इस समय वहां स्वर्गीय देवव्रत सिंह की पहली पत्नी के बेटे-बेटी, दो बहनें और दूसरी पत्नी विभा सिंह मौजूद हैं। पहली पत्नी पद्मावती देवी को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्हें वारिस नहीं माना गया है।

ताला खोलने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी गुरुवार सुबह से पहुंचे हुए थे। राजा देवव्रत सिंह इसी महल में रहते थे और उनकी मृत्यु के बाद उठे पारिवारिक विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने महल में सरकारी ताला लगा दिया था। जिला प्रशासन ने इस ताला को 30 दिसंबर को खोलने की जानकारी दी थी। इस पर रानी विभा सिंह ने अपनी बेटी के इलाज का हवाला देकर कलेक्टर से ताला न खोलने जाने का अनुरोध किया था। जिला प्रशासन ने उनके अनुरोध को न मानते हुए गुरुवार को महल और तिजोरी का ताला खोला जा रहा है।

उदयपुर पैलेस
उदयपुर पैलेस

ताले की चाबी न मिलने से उसे खोलने के लिए गैस कटर भी मंगवाया गया है। इससे पहले भी मंगलवार को स्व. देवव्रत सिंह के समर्थकों ने खैरागढ़ स्थित कमल पैलेस का घेराव कर रानी विभा सिंह के खिलाफ हल्ला बोला था। रियासत के वफादारों और रानी के बीच उभरे इस विवाद को शांत करने के लिए जिला प्रशासन ने लाख कोशिश की, लेकिन मामला बढ़ता जा रहा है। पैलेस का ताला न खोलने जाने को लेकर रानी विभा सिंह अपने वकील को लेकर पहुंची हुई हैं तो वहीं दूसरे पक्ष से रानी पद्मा सिंह के बच्चों ने भी अपना वकील खड़ा किया है। अधिवक्ता दोनों पक्षों में उभरे विवाद को पारिवारिक बताते हुए जिला प्रशासन को दखल न देने की बात कह रहे हैं। वहीं रियासत के अलग-अलग गांव से पहुंचे लोगों का कहना है कि राजतिलक के बाद उनका राजा अब आर्यव्रत सिंह हैं।

विभा सिंह बच्चों को बरगलाने की कर रहीं बात

रानी विभा सिंह का कहना है कि आर्यव्रत और शताक्षी सिंह अभी छोटे हैं। राजा देवव्रत सिंह की मौत के बाद उनकी कस्टडी उनके अधिकार क्षेत्र में आ गई है। वह जो कर रही हैं उनकी भलाई और सुरक्षा को लेकर कर रही हैं। अभी दोनों बच्चों की लिखने पढ़ने की उम्र हैं। वह अपनी मां और राजा की पहली पत्नी पद्मा सिंह के बहकावे में आकर ऐसा कर रहे हैं। जबकि पहली पत्नी का इस रियासत पर कोई हक नहीं है।

बच्चों ने लगाई थी न्याय की गुहार

दिवंगत विधायक व राजा स्व. देवव्रत सिंह और उनकी दूसरी पत्नी विभा सिंह के साथ पैतृक गहने, नगदी और जबरन कमल विलास पैलेस में कब्जा करने जैसे आडियो वायरल सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। इसके बाद सोमवार को स्व. देवव्रत सिंह के बेटे आर्यव्रत सिंह और बेटी शताक्षी सिंह ने मीडिया के सामने विभा सिंह द्वारा उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। बच्चों द्वारा लोगों से न्याय और मदद की गुहार लगाने के बाद राजा के समर्थकों में खासा रोष व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर राजपरिवार के सदस्यों और उनके समर्थकों ने कमल विलास पैलेस के सामने जमकर हंगामा किया।