महाराष्ट्र बार्डर पर 32 घंटे से चक्काजाम:सीतागांव को तहसील बनाने के लिए हाईवे पर जमे हैं सैकड़ों लोग, दोनों राज्यों के बीच आवाजाही ठप

मानपुर5 महीने पहले
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चक्काजाम कर बैठे ग्रामीण - Dainik Bhaskar
चक्काजाम कर बैठे ग्रामीण

राजनांदगांव जिले के मानपुर ब्लाक के लोगों ने सीतागांव को तहसील बनाने की मांग को लेकर कोहका चौक में हाईवे को जाम कर दिया है। सोमवार सुबह 11 बजे से लेकर अब तक लगातार 32 घंटे से जाम रहने के चलते यहां का महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़​​​​​ अंतरराज्यीय परिवहन पूरी तरह से ठप हो चुका है। हजारों की संख्या में लोग यहां सुबह से धरने पर बैठे हैं। उन्हें मनाने की पूरी कोशिश जारी है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। लोगों को मनाने के लिए यहां के संसदीय सचिव इंद्रसाव मंडावी ने लोगों से फोन पर बात की लेकिन वे राजी नहीं हुए।

मानपुर ब्लाक में लोगों द्वारा किया गया यह जाम अब तक सबसे अधिक समय तक चलने वाले जाम में से एक होगा। यहां के लोगों ने ठंड में पूरी रात सड़क पर बैठकर गुजार दी है। ग्रामीणों की मांग है कि सीतागांव को मानपुर मोहला जिले में तहसील का दर्जा दिया जाए। उन्हें अन्य तहसील में नहीं जुड़ना है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वह हाईवे में ही डटे रहेंगे।

हाईवे में चक्काजाम पर बैठे ग्रामीणों को समझाने के लिए पुलिस व प्रशासन के अफसर लगातार बात कर रहे हैं, लेकिन स्थित जस की तस बनी हुई है। मामले को बढ़ता देख संसदीय सचिव इंद्रसाव मंडावी ने फोन पर लोगों से बात की और उनकी मांगों को शासन के सामने रखने का आश्वासन दिया, लेकिन लोगों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं आदेश चाहिए। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण हाईवे में ही मौजूद हैं।

जान बचाकर भागे एसडीएम और ड्राइवर
लोगों के उग्र तेवर देखते हुए भारी संख्या में लगा पुलिस बल भी कुछ नहीं बोल पा रहा है। बताया जा रहा है कि जाम लगने के कुछ घंटे बाद वहां के एसडीएम राहुल रजक सोमवार को लोगों से बात करने पहुंचे थे। वह लोगों को समझा ही रहे थे कि कुछ अराजक तत्वों के भड़काने पर लोग उग्र हो गए और उन्होनें एसडीएम को दौड़ाना शुरू कर दिया। एसडीएम रजक और उनका ड्राइवर किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर भागे। इसके बाद उन्होंने कोहका थाने पहुंचकर इसकी शिकायत भी की। पुलिस ने देर रात मामला दर्ज जांच शुरू की, लेकिन अभी तक अराजक तत्वों की पहचान ही नहीं हो पाई है।

दो राज्यों के बीच परिवहन ठप, वाहनों की कतार
ग्रामीण जिस हाइवे पर डटे हुए हैं, वह छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र राज्य को जोड़ता है। इस हाइवे से रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। सोमवार सुबह 11 बजे से लगातर 32 घंटे से चक्काजाम के चलते वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। दोनों हिस्सों में वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है।

दूसरी तहसील के साथ जोड़ने पर आंदोलन की चेतावनी
धरने पर बैठे ग्रामीण 2014 में सीतागांव को विकासखंड बनाने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव का हवाला दे रहे हैं। उनका कहना है कि तत्कालीन कलेक्टर ने उक्त प्रस्ताव मुख्य सचिव को भी भेजा था। ग्रामीण उसी प्रस्ताव का हवाला देते हुए सीतागांव को तहसील बनाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने किसी भी दूसरी तहसील के साथ सीतागांव को जोड़ने पर विरोध की चेतावनी दी है।