पहले 100 से ज्यादा बिल नहीं आता था:घर में एसी, कूलर, फ्रिज व पंखे नहीं फिर भी थमा रहे 20-25 हजार रुपए तक के बिल

राजनांदगांवएक महीने पहले
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वनांचल के ग्रामीण अधिक बिल आने से परेशान हैं। शिकायत के लिए कार्यालय पहुंच रहे। - Dainik Bhaskar
वनांचल के ग्रामीण अधिक बिल आने से परेशान हैं। शिकायत के लिए कार्यालय पहुंच रहे।

राज्य सरकार की ओर से बिजली बिल हाफ का दावा किया जा रहा है पर यहां आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मोहला के ग्रामीणों को खपत से कई गुना ज्यादा बिल थमाया जा रहा है। इस क्षेत्र के ग्रामीणों के घरों में एसी, फ्रिज, कूलर और पंखे नहीं चलते पर ग्रामीणों को 20 से 25 हजार और यहां तक 35 हजार रुपए तक का बिल थमा दिया गया है।

बिल देखकर ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। बिल में सुधार कराने के लिए स्थानीय बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंच रहे हैं पर सुधार की बजाए यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि खपत के आधार पर बिल दिया गया है। इसे जमा करना ही पड़ेगा। यह जवाब सुनकर ग्रामीण परेशान हैं और आरोप लगा रहे हैं कि स्पॉट बिलिंग में ही गड़बड़ी हो रही है।

रीडिंग में भी गड़बड़ी: शिकायत यह भी आ रही है कि स्पॉट बिलिंग वाले रीडिंग किए बिना ही खपत बताकर फर्जी बिल जारी कर दे रहे हैं। मोहला क्षेत्र के सोमाटोला, डूमरटोला, गोटाटोला, डूंडेरा सहित आसपास के ग्रामीणों ने खपत से ज्यादा बिल आने की शिकायत की है। लेकिन अफसर इसे लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।

मोहला क्षेत्र के ग्रामीणों की शिकायत

  • गोटाटोला निवासी लोमेश सिन्हा ने बताया कि 34 हजार 500 रुपए का बिल थमाया गया था। बिजली कंपनी में शिकायत करने पर सुधार कर 16 हजार बिल कर दिया गया। जबकि इतनी खपत होती ही नहीं हैं। बताया कि 200-300 रुपए से ज्यादा बिल आता ही नहीं था।
  • डूमरटोला निवासी राम बाई नेताम ने बताया कि घर में एक-दो बल्ब जलाते हैं। पंखे तक नहीं हैं पर इस बार 24 हजार रुपए बिल भेजा गया है। शिकायत करने पर अफसर कहते हैं कि खपत हुई होगी तो जमा करना ही होगा। यह सुनकर लोग परेशान हो गए हैं।
  • डूंडेरा निवासी अंकालू राम ने बताया कि पहले 300 रुपए तक बिल आता था पर अचानक 8 हजार रुपए बिल थमा दिया गया है। सुधार कराने के लिए आवेदन दिया गया है पर कोई पहल नहीं हो रही है। बिल देखकर नींद उड़ गई है। आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं यह नई परेशानी है।

सुधार के लिए कैंप लगाने की मांग
बिजली बिल अधिक आने पर ग्रामीण सुधार की मांग कर रहे हैं। गांवों में कैंप लगाने की मांग हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सुधार के लिए ब्लॉक मुख्यालय तक जाने में परेशानी होती है। इसलिए गांव स्तर पर व्यवस्था देने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिल बढ़ने की मुख्य वजह की जानकारी देनी चाहिए। इस तरह की परेशानी बनी रहती है इसका समाधान किया जाए।

जानिए, ऐसी भी गड़बड़ी
वनांचल के ज्यादातर ग्रामीणों को गरीब रेखा के तहत कनेक्शन दिया गया था। इसलिए 40 यूनिट खपत तक छूट दी गई थी पर कुछ जगहों पर वर्तमान में खपत बढ़ गई और स्पॉट बिलिंग वाले ग्रामीणों के कहने पर यूनिट घटाकर बिल देते आएं हैं पर अब जांच होने पर पुराने खपत वाले बिल को भी जोड़ा जा रहा है तब हजारों में बिल जारी कर रहे हैं। डीई पीके साहू ने बताया कि कोई तकनीकी दिक्कत आई होगी तो सुधार करेंगे। पहले स्पॉट बिलिंग में कम खपत दिखाए जाने से ऐसी स्थिति बनी होगी।

कंपनी चला रही अभियान
बिजली कंपनी की ओर से इन दिनों बकाया बिल की वसूली के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। बिल बकाया होने पर सप्लाई कनेक्शन को कट कर दे रहे हैं। जिले में रोज बड़ी संख्या में कनेक्शन काटे जाने की खबरें सामने आ रही है। वहीं अभियान के तहत रोज लाखों रुपए राजस्व की वसूली भी हो रही है पर यहां वनांचल में स्पॉट बिलिंग और रीडिंग में भारी गड़बड़ी कर ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है।

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