पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नेताओं के आगे नियम नतमस्तक:नौकरी के दबाव में ये खुद विरोध भी नहीं कर पा रहे

राजनांदगांव2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • धरना प्रदर्शन, चक्काजाम, रैली प्रतिबंधित, सिर्फ आम लोगों पर कार्रवाई

शहर सहित जिलेभर में राजनैतिक दल कोरोना प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिला प्रशासन ने राजनैतिक गतिविधि, प्रदर्शन, धरना और जुलूस के लिए पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है। लेकिन इसके बाद भी रोजाना ऐसी गतिविधियां हो रही है। प्रशासन इन दलों और मनमानी के सामने नतमस्तक हो गया है।

शुक्रवार को कांग्रेस ने जिलेभर में चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। शहर में भी सांकेतिक चक्काजाम के नाम पर करीब 15 मिनट फोरलेन पर प्रदर्शन किया गया। 15 मिनट के बाद तो कांग्रेसी हट गए, लेकिन इसके बाद करीब घंटेभर का जाम पीछे लगा रहा। जबकि उन्होंने सोशल मीडिया में डाले गए पोस्ट में पांच मिनट का सांकेतिक प्रदर्शन बताया था। ये भी वाजिब नहीं है क्योंकि इस तरह का प्रदर्शन ही फिलहाल प्रतिबंधित है। भाजयुमो ने भी गुरुवार को निगम का घेराव किया था। उसकी भी जानकारी अफसरों को नहीं थी।

खास बात यह है कि जिला प्रशासन ने चक्काजाम और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा रखा है। नेताओं की मनमानी जारी है। ऐसी ही मनमानी भाजपा की ओर से भी जारी है। जुलूस और दफ्तरों का घेराव तक जारी है। लेकिन खुद ही प्रतिबंध का आदेश जारी करने वाले अफसर ऐसी गतितिविधयों को रोकने कोई पहल नहीं कर पा रहे हैं।

अफसर खुद हो रहे शामिल
खास बात यह है कि ऐसी मनमानियों का हिस्सा जिला प्रशासन के अफसर खुद भी बन रहे हैं। धरना प्रदर्शन और विरोध के दौरान जिम्मेदार अफसर खुद ही ज्ञापन और शिकायत लेने पहुंच रहे हैं। लेकिन तब नियम और कायदे ताक पर रखे जा रहे हैं। किसी भी मामले में प्रोटोकॉल और सख्ती को लेकर कोई भी कार्रवाई सामने नहीं आई। उल्टे बढ़ती भीड़ और नियम विपरीत हो रही गतिविधियों को अप्रत्यक्ष रुप से सहमति दे दी जा रही है। जिले में कोरोना से अब तक 517 मौतें हो चुकी है। 55 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके है। कोरोना की दूसरी लहर सबसे दर्दनाक रही।

जिम्मेदारों ने मूंदी आंखें: चक्काजाम पर कार्रवाई नहीं
जिला प्रशासन ने जुलूस, धरना, प्रदर्शन और चक्काजाम पर प्रतिबंध लगा रखा है। इससे स्पष्ट है कि इनके लिए कोई अनुमति भी नहीं दी जा सकती है। लेकिन शहर सहित जिलेभर में ऐसी गतिविधियां जारी है। जो सीधे तौर पर बगैर परमिशन हो रही है। इसके बाद भी ऐसी गतिविधियों पर सख्ती नहीं बरती जा रही है। राजनैतिक दलों के एक भी मामले को प्रशासन ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं माना हैं।

जानिए आम लोगों को कैसे सिखा रहे नियम कायदे
निगम: निगम की टीम रोज बाजार में निकल रही है। 15 दिनों में ही निगम प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताकर 60 से अधिक लोगों पर कार्रवाई कर चुकी है।
पुलिस : पुलिस की टीम शहर के प्रमुख चौराहों पर तैनात रहती है। जो बगैर मास्क दिखने पर तत्काल गाड़ी रोककर चालान कर रही है। आम लोगों को चौक चौराहों में खड़ा कर घंटों नियम और आदेश का पाठ पढ़ाया जा रहा है। रोजाना 20 से 25 चालान मनमानी बताकर किया जा रहा है।
प्रशासन: हाल में जिले में जमकर शादियां हुई। जिसमें प्रशासन ने खुद की जिम्मेदारी साबित करने चालान भी किए। किसी शादी में अगर लोगों की संख्या कुछ अधिक हो गई तो जुर्माना वसूला गया।

तहसीलदार को भेजा था
सभा, रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन चाहे सामाजिक, राजनैतिक, खेल, सांस्कृतिक या धार्मिक आयोजन हो, इन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। शुक्रवार को कांग्रेसियों के चक्काजाम की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार को भेजा गया था। आगे सख्ती बरती जाएगी।
-मुकेश रावटे, एसडीएम

खबरें और भी हैं...