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मरीजों की संख्या घटी, 3 कोविड सेंटर बंद:1204 गांवों के ग्रामीणों ने जीती कोरोना से जंग, 187 गांवों में वायरस पहुंचा तक नहीं

राजनांदगांव19 दिन पहले
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  • डेढ़ साल में 56,677 लोग संक्रमित हुए, 54,721 ठीक हुए

कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन अब टूट रही है। पॉजिटिव दर में कमी आने से लोग राहत की सांस ले रहे हैं। डेढ़ साल से लोग संक्रमण का कहर झेलते आ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि जिले के 1204 गांव के लोग अब तक कोरोना से जंग जीते चुके हैं। यहां एक भी संक्रमित नहीं हैं। वहीं 187 गांवों में तो कोरोना वायरस पहुंचा ही नहीं। यहां स्वास्थ्य अमले ने सैंपल लेकर जांच भी की पर इन तक संक्रमण का कहर नहीं बरपा। पॉजिटिव दर में आई कमी के चलते अब कोविड सेंटर भी बंद हो रहे हैं। जिले के तीन सेंटर में एक भी मरीज नहीं। इसलिए सेंटर बंद कर दिए गए हैं।

जिले में कोरोना का पहला केस मार्च 2020 में सामने आया था। इसके बाद संक्रमण की रफ्तार बढ़ती गई। दिसंबर 2020 तक संक्रमण की रफ्तार नियंत्रित हुई थी पर मार्च 2021 में वायरस ने अपना स्वरूप बदला और जिले में रफ्तार के साथ लोगों को संक्रमण की चपेट में लेता गया। मार्च के बाद स्थिति यह थी कि शहर क्षेत्र से एक ही दिन में 200 से अधिक केस सामने आ रहे थे।

स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी, नहीं मिल रहे थे बेड
अप्रैल में तो वायरस ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंच गया। डेढ़ साल के भीतर जिले के 1204 गांवों तक कोरोना वायरस ने लोगों की नींद उड़ाई। विभाग के अफसरों का कहना है कि पहले चरण में गांवों में कोरोना संक्रमित सीमित थे पर दूसरी लहर में गांव से ही सबसे ज्यादा केस आने लगे। ऐसे केस सामने आए, जिन्हें सीधे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इन्हे ऑक्सीजन या फिर वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने लगी थी। लगातार ऐसे केसेस सामने आने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी। गंभीर मरीजों को बेड नसीब नहीं हो रहा था।

मार्च व अप्रैल में मौतें भी सबसे ज्यादा हुईं
पहली लहर में कोरोना से मृत हुए लोगों की संख्या 100 तक पहुंचने में पांच माह तक लगे थे पर दूसरी लहर ने तो कोहराम मचाया। जिले में डेढ़ साल के भीतर कोरोना से मरने वालों की संख्या 512 तक जा पहुंची है। अब तक सबसे ज्यादा मौतें मार्च और अप्रैल माह में हुई। इनमें से कुछ मरीज तो इलाज के अभाव में ही चल बसे। कई को बेड तक नसीब नहीं हो पाया।

वनांचल के गांव सुरक्षित
कोरोना संक्रमण ने सबसे पहले शहर को प्रभावित किया और इसके बाद आसपास के गांव संक्रमण की चपेट में आए पर वनांचल के उन गांवों तक संक्रमण नहीं पहुंचा जहां पर लोग अभावों के बीच जीते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि वनांचल के भीतरी गांव में रहने वालों की शहरी क्षेत्र के लोगांे से संपर्क नहीं हुआ। इस वजह से जिले के 187 गांव में संक्रमण अब तक नहीं पहुंचा है। मानपुर क्षेत्र के 45 और छुईखदान क्षेत्र के 53 सहित अन्य भीतरी गांवों में संक्रमण नहीं फैला। शहर का ऐसा कोई भी वार्ड नहीं बचा था, जहां पर केस न निकला हो।

यहां के कोविड सेंटर बंद
मानपुर क्षेत्र के दो कोविड सेंटर बंद कर दिए गए हैं। यहां एक भी मरीज सामने नहीं आ रहे हैं। छुरिया क्षेत्र में एक सेंटर बंद हो गया है। इसी तरह सोमनी ट्रीटमेंट सेंटर में मरीज नहीं हैं। वहीं अन्य सेंटरों में गिनती के मरीज ही भर्ती हैं। इनमें गंभीर लक्षण वाले मरीज नहीं हैं। बड़ी राहत यह है कि पेंड्री कोविड हॉस्पिटल में 262 बेड खाली हैं। यहां केवल 38 मरीज ही भर्ती हैं। सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी का कहना है कि जिन गांवों से केस सामने आए थे, वहां स्थिति नियंत्रण में हैं। लोगों को प्रोटोकॉल को ध्यान में रखना होगा, ताकि यहां कोरोना वायरस दोबारा न पहंुचे और लोग सुरक्षित रहें।

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