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आमसभा:2 हजार ग्रामीणों ने प्लांट निरस्त होने तक आंदोलन की चेतावनी दी

सेदम13 दिन पहले
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  • जनप्रतिनिधियों पर भी साधा निशाना, बोले- यदि विरोध में होते तो ग्रामीणों का साथ देते

बतौली ब्लॉक के चिरंगा में प्रस्तावित एल्यूमीनियम प्लांट के विरोध में 17 गांव के ग्रामीणों की आमसभा हुई। इसमें ग्रामीणों ने कहा प्लांट किसी भी कीमत पर नहीं लगने देंगे। इसके लिए चक्काजाम और अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी तैयारी है। ग्रामीणों ने मंत्रियों पर निशाना साधते हुए उनका साथ नहीं देने का आरोप लगाया।

चिरंगा गांव में करोड़ों रुपए से मां कुदरगढ़ी एलुमिना रिफाइनरी फैक्ट्री प्रस्तावित है। इसके लिए शासन-प्रशासन ने अपनी तरफ से तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन ग्रामीणों के विरोध से कंपनी पशोपेश में है। इससे जहां पहले जनसुनवाई में हंगामा हुआ, वहीं प्लांट के विरोध में हजारों ग्रामीणों ने ग्राम चिरंगा से बतौली तहसील कार्यालय तक पदयात्रा व नारेबाजी कर विरोध जताया। वहीं अब शासन-प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने के बाद ग्रामीण बड़ा प्रदर्शन, चक्काजाम और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए रविवार को चिरंगा गांव में 17 गांव के 2 हजार से अधिक ग्रामीण आमसभा में पहुंचे, जहां पंचायत बैठाकर प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने चर्चा की। वहीं प्लांट निरस्त कराने की रणनीति बनाने पर भी चर्चा की। ग्रामीणों ने प्लांट स्थापित होने से होने वाली परेशानियों की जानकारी पंपलेट बांटकर दी और प्लांट के विरोध में एकजुट होने की अपील की। मामले में ग्रामीणों ने बताया प्लांट के खिलाफ जो मोर्चा खोला है, वह जारी रहेगा, जब तक शासन-प्रशासन प्रस्तावित प्लांट को निरस्त नहीं कर देता।

मंत्री साथ होते तो महा पंचायत में होते शामिल
ग्रामीणों ने बताया कि मंत्रियों ने अब तक ग्रामीणों के मोर्चे में अपनी सहभागिता नहीं निभाई है। न ही प्लांट के विरोध में खुलकर समर्थन दिया है। ग्रामीणों ने विधायक पर कंपनी के साथ साठगांठ होने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया यदि मंत्री उनके साथ होते तो वे आज इस महापंचायत की ग्राम सभा में प्लांट के विरोध में शामिल होते, क्योंकि उन्हें आज के कार्यक्रम की कई ग्राम पंचायतों के माध्यम से सूचना दी थी, लेकिन उन्होंने ग्रामीणों का साथ अब तक नहीं दिया है।

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