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एसईसीएल काॅलोनी में चोरों का दबदबा:चोरी के 36 दरवाजे: एसईसीएल काॅलोनी में खिड़की दरवाजे तक चोरी, अब दीवार तोड़कर ईंट भी चुरा रहे

अंबिकापुर/ महंगई6 दिन पहले
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ये तस्वीर एसईसीएल बिश्रामपुर के आरजीके काॅलोनी की है, जहां 20 करोड़ रुपए खर्च कर 300 मकान बनाए गए हैं, इनमें 200 मकान के खिड़की-दरवाजे चोरी हो चुके हैं। - Dainik Bhaskar
ये तस्वीर एसईसीएल बिश्रामपुर के आरजीके काॅलोनी की है, जहां 20 करोड़ रुपए खर्च कर 300 मकान बनाए गए हैं, इनमें 200 मकान के खिड़की-दरवाजे चोरी हो चुके हैं।
  • शिकायत के बाद भी चोरी की वारदात, एसईसीएल को ही जिम्मेदार ठहरा रही पुलिस

इन बिल्डिंगों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि काॅलरी इलाके में चोरों का किस तरह आतंक है। ये तस्वीरें एसईसीएल बिश्रामपुर के आरजीके काॅलोनी की है। अधिकारी-कर्मचारियों के लिए एक किलोमीटर में दो काॅलोनियां हैं। इसमें 300 मकान हैं। इसमें करीब 200 मकान में चोरों ने न सिर्फ सामान पार कर दिए, बल्कि खिड़की-दरवाजे तक नहीं छोड़े। काॅलोनियों के घरों में घुसने के लिए चोरों ने 36 दरवाजे बनाए हैं।

इससे डरकर कर्मचारी काॅलोनी को छोड़कर भाग रहे हैं। क्वार्टर मिलने के बाद कई कर्मचारी वहां सामान शिफ्ट कर चुके थे। कई कर्मचारियों का सामान चोरी हो गया। इससे बाकी लोग भाग रहे। सिर्फ एक काॅलोनी में 100 लोग रह रहे हैं, लेकिन चोरों का डर इस कदर है कि डर से लोग विरोध नहीं कर पाते है। चोर लाठी डंडे के साथ हथियार लिए रहते हैं। एसीईसीएल के अधिकारी चोरों के आगे खुद लाचार महसूस कर रहे हैं। काॅलरी क्षेत्रों में कोयला व कबाड़ चोरी तो सामान्य घटना हो गई है, लेकिन घरों में पहली बार चोरी की एेसी तस्वीर सामने आई है। पुलिस का डंडा भी बेअसर हो गया है। चोर दिनदहाड़े चोरी कर रहे हैं। हद तो ये है एसीईसीएल के जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

20 करोड़ रुपए की लागत से बनाई थी काॅलोनी
एसईसीएल बिश्रामपुर के तहत आने वाली रेहर, गायत्री व गेतकी खदान के लिए यहां 20 करोड़ से अधिक खर्च कर काॅलोनियां बनाई थी। काॅलरी प्रबंधन ने अब तक यहां सड़क-बिजली-पानी की सुविधा नहीं दी है। इससे कर्मी यहां नहीं रहना चाहते अौर चले गए। जिनके पास सुविधा नहीं है, वहीं रह रहे हैं। एमक्यू कॉलोनी के 3 ब्लॉक और बी-टाइप कॉलोनी के 4 ब्लाॅक खंडहर हो चुके हैं। ऑफिसर के साथ वर्कर कॉलोनी करोड़ों खर्च कर बनाई थी, ताकि खदान में कार्यरत कर्मी के साथ उसका परिवार रह सके। इसके पीछे उद्देश्य था कि कर्मी यहा रहेंगे तो कम समय पर हॉस और प्रोडक्शन बढ़ेगा।

सुरक्षित नहीं: कॉलोनी बनने के बावजूद बिश्रामपुर निवास कर रहे अधिकारी
रेहर भूमिगत परियोजना के अंतर्गत तीन खदान संचालित है, जिसमें दो चालू है, जबकि एक प्रक्रिया में है। खदान में सब एरिया व खान मैनेजर के साथ अन्य लोग तैनात हैं। इनके लिए सब एरिया ऑफिस के बगल में ऑफिसर कॉलोनी बनाई है, लेकिन अधिकारी विश्रामपुर में डेरा जमाए हुए हैं।

चोरों का आतंक: कोई अधिकारी नहीं रहना चाहते एसईसीएल के मकान में
सब एरिया मैनेजर बीके चौधरी ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि चोरों के आतंक से तबाह होकर कोई अधिकारी यहां नहीं रहना चाहते हैं, क्योंकि कई बार अधिकारियों के क्वार्टर में घुसकर सामान चोरी कर ले गए। अब दिवार को तोड़कर ईंट भी उखाड़ कर ले जा रहे थे।

कोयला व कबाड़ चोर सक्रिय
कबाड़ और केबल के साथ रेहर-गायत्री खदान में कोयला चोर सक्रिय हैं। चोर कैंपस में जमीन अंदर लगी पानी पाइप सहित मोटर पंप भी उखाड़ कर ले गए। कॉलोनी में जिम्मेदार अधिकारी रहते तो सुरक्षा भी होती और इस तरह चोरी नहीं होती।

प्रबंधन का दायित्व बनता है कि खुद भी सुरक्षा की करें व्यवस्था
सूरजपुर एसपी राजेश कुकरेजा ने इस संबंध में पूछने जाने पर बताया कि एसईसीएल प्रबंधन 10 हजार की चोरी पर 1 लाख राशि लिखकर रिपोर्ट दर्ज करता है। फिर भी हमारी पुलिस टीम समय-समय पर दस्तक देकर कार्रवाई कर रही है। करोड़ों की संपत्ति है और प्रबंधन का दायित्व बनता है कि खुद भी सुरक्षा व्यवस्था करें।

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