रेल हादसा:मालगाड़ी के 8 डब्बे पटरी से उतरे, दुर्ग एक्सप्रेस को विश्रामपुर में रोका, बस से घर पहुंचे यात्री

अंबिकापुरएक महीने पहले
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आपस में टकराने से क्षतिग्रस्त मालगाड़ी के रैक। - Dainik Bhaskar
आपस में टकराने से क्षतिग्रस्त मालगाड़ी के रैक।

शनिवार की रात कमलपुर रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी के 8 डिब्बे पटरी से उतरकर गए, जिससे रविवार को पूरे दिन अंबिकापुर-अनूपपुर रेलमार्ग बाधित रहा। इस दौरान जबलपुर एक्सप्रेस को रद्द करने के साथ दुर्ग एक्सप्रेस को विश्रामपुर में ही रोका गया। तो मेमू एक्सप्रेस बिजुरी तक ही चलाई गई। त्योहारी सीजन होने के कारण ट्रेन रद्द होने से रूट के यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

अंबिकापुर रेलवे स्टेशन पर सीमेंट खाली कर रात में वापस लौट रही बीसीएन की एमटी रैक के आठ डब्बे रात 2:20 बजे कमलपुर स्टेशन के पास अचानक बेपटरी हो गई। मालगाड़ी की स्पीड अधिक होने के कारण खाली डिब्बे ट्रैक से उतरकर एक-दूसरे से टकराई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना की खबर मिलत ही रेल अफसरों के बीच हड़कंप मच गया। कंट्रोलर की सूचना पर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन, लुकास, क्रेन व टावर कार के साथ सुबह मौके पर पहुंची, कैरेज एंड वैगन की टीम ने रूट क्लियर करने में जुटी रहीा।

अधिकारियों ने बताया कि देर रात तक इस मार्ग पर यातायात सामान्य होने की संभावना है। वहीं सिंगल लाइन पर मालगाड़ी गिरने से अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन रेलवे ने अंबिकापुर में ही रोका तो वही दुर्ग-अंबिकापुर को बिश्रामपुर में समाप्त की गई, जबकि मेमू ट्रेन को प्रबंधन ने शॉर्ट टर्मिनेट कर शहडोल से बिजुरी और फिर बिजुरी से अनूपपुर तक चलाया। घटना से रेलवे को करोड़ों रुपए की क्षति हुई है। फिलहाल हादसे के कारणों को जानने जांच शुरू कर दी गई है।

घटना स्थल पर अफसरों के साथ रूट क्लियर करने जुटी कैरेज एंड वैगन की टीम।
घटना स्थल पर अफसरों के साथ रूट क्लियर करने जुटी कैरेज एंड वैगन की टीम।

रेलवे ने बसों से: यात्रियों को पहुंचाया अंबिकापुर
रेलवे ट्रैक पर आवागमन बाधित होने के से ट्रेन नंबर 08241 दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस रविवार को निर्धारित समय सुबह छह बजे की जगह तीन घंटे दस मिनट की देरी से विश्रामपुर पहुंची। रेलवे ने स्वयं की व्यवस्था कर बसों के माध्यम से यात्रियों को अंबिकापुर भेजा। इसके साथ ही ट्रेन को विश्रामपुर स्टेशन में खड़ा करा दिया। जबकि, अंबिकापुर जबलपुर स्पेशल ट्रेन 01266 को अंबिकापुर से ही आगे नहीं बढ़ने दिया। मेमू ट्रेन को बिजुरी तक ही चलाया गया।

देर रात बाद: रूट पर परिचालन शुरू होने का अनुमान
रेल दुर्घटना से रेलवे को करोड़ों रुपए की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। घटना के 16 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी रेलवे ट्रैक क्लियर नहीं किया जा सका है। ऐसे में मार्ग बाधित होने से इस रूट की पैसेंजर ट्रेनों के अतिरिक्त माल गाड़ियों का परिचालन भी पूरी तरह प्रभावित हुआ है। हादसे में मालगाड़ी के डिब्बों को भी काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में ज्यादा क्षतिग्रस्त डब्बो को प्रबंधन रेल पटरी के बगल में पलट रहा है, क्योंकि यह डब्बे सुधार योग्य नहीं बचे हैं।

प्लेटफाॅर्म पर यात्री ट्रेन चलने का करते रहे इंतजार
दुर्घटना में अंबिकापुर से जबलपुर या उससे आगे की यात्रा करने वाले यात्री ट्रेन नहीं चलने से दिन भर परेशान रहे। सैकड़ों यात्री अंबिकापुर, बिश्रामपुर स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठे रहे। यही हाल दुर्ग-अंबिकापुर व मेमू ट्रेन में रविवार को यात्रा करने वाले यात्रियों का रहा। हालांकि दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन के यात्रियों के लिए रेल प्रबंधन ने बिश्रामपुर स्टेशन में बस की व्यवस्था कर यात्रियों को थोड़ी राहत जरूर पहुंचाई।

डीआरएम ने एडीआरएम को दिए जांच के आदेश
घटना की वजह क्या है और किसकी चूक से इतनी बड़ी घटना हुई। इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए भी कोई तैयार नहीं है। रेलवे अफसर एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। हालांकि डीआरएम ने एडीआरएम के नेतृत्व में वरिष्ठ मंडल अभियंता व मंडल के वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी की नेतृत्व में हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।

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