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अच्छी खबर:मेडिकल कॉलेज से प्रथम बैच के 90 छात्र डाॅक्टर बने, इसी अस्पताल में करेंगे मरीजों का इलाज; पासआउट करने वाले छात्र एक साल बाद हो जाएंगे स्वत्रंत डाॅक्टर

अंबिकापुरएक महीने पहले
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मेडिकल कॅालेज में अंतिम वर्ष के छात्र जो पास होकर डॉक्टर बन गए हैं। - Dainik Bhaskar
मेडिकल कॅालेज में अंतिम वर्ष के छात्र जो पास होकर डॉक्टर बन गए हैं।
  • मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के पहले बैच के 94 छात्रों में से 90 ने कोर्स किया पूरा, 2016 में कॉलेज को एमसीआई से मिली थी पहले बैच की मान्यता
  • जानिए अब क्या करेंगे : कॉलेज के अस्पताल में ही सीनियर डाॅक्टर के साथ एक साल इंटर्नशिप में करेंगे मरीजों का इलाज

मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर ने पांच साल बाद अपने पहले बैच के पासआउट होने पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। 54 माह का कोर्स पूरा करने के बाद पहले बैच के 94 में से 90 छात्र पास हो गए हैं और ये डॉक्टर बन गए हैं। ये छात्र अब कॉलेज के अस्पताल में ही सीनियर डाॅक्टर के साथ एक साल का इंटर्नशिप करेंगे।

इनकी अस्पताल में ड्यूटी लगेगी और मरीजों का इलाज भी करेंगे। इससे अस्पताल को भी वार्ड में हैंड्स मिल जाएंगे। किसी भी नए मेडिकल कॉलेज के लिए यह समय काफी गौरवशाली माना जाता है। पिछले दिनों इन छात्रों की फाइनल ईयर की परीक्षा हुई थी। बाहर के दूसरे कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इनकी परीक्षा ली थी। फाइनल ईयर में कुल 94 छात्र थे, जिसमें से 90 सफल रहे है। बाकी के 4 छात्रों को कुछ विषय में कम नंबर मिले हैं। इन्हें संबंधित विषय की दोबारा परीक्षा देनी होगी। कॉलेज के रिजल्ट को काफी अच्छा माना जा रहा है।

एक साल बाद हो जाएंगे स्वत्रंत डाॅक्टर
जानकारों के अनुसार मेडिकल के छात्रों को जिनका पाठ्यक्रम एमसीआई द्वारा निर्धारित होता है। उन्हें 54 माह का कोर्स पूरा करना होता है। इसमें उन्हें मेडिसिन, सर्जरी, स्त्रीरोग, शिशु रोग व हड्डी रोग विषय के बारे में पढ़ाई पूरी कर इसकी परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद एक साल का इंटर्नशिप करना होता है। इंटर्नशिप में सीनियर डाॅक्टर के साथ काम करते हँ। इसके बाद ये स्वत्रंत डाॅक्टर हो जाते हँ। फिर कहीं भी प्रैक्टिस या नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

2016 में सेंट्रेल के कोटे की 6 सीटें रह गईं थी खाली
अम्बिकापुर मेडिकल काॅलेज को 2016 में एमसीआई से प्रथम बैच में 100 सीट के लिए मान्यता मिली थी। तब सेंट्रल कोटे की 6 सीट खाली रह गयीं थी। 94 सीट पर प्रवेश हुआ था। यही बैच 2021 में फाइनल ईयर में पहुंचा है।

अंबिकापुर मेडिकल काॅलेज के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि
अम्बिकापुर मेडिकल काॅलेज की ये बहुत बड़ी उपलब्धि। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के नेतृत्व में काफी सुविधाएं बढ़ी हैं, जिसका छात्रों को पढ़ाई में लाभ मिला। आज हमारे काॅलेज के 90 छात्र डाॅक्टर बन गये हैं। इससे हमारे अस्पताल को भी मैन पावर मिल जायेगा। इंटर्नशिप में 90 छात्रों की अस्पताल में ड्यूटी लगेगी। ये कोविड में काम करेंगे। इससे काफी फायदा होगा।
डॉ. रामनेशमूर्ति, डीन, मेडिकल कालेज, अंबिकापुर

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