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पर्यटन बढ़ाने संवारेंगे जल प्रपात:अमृतधारा के बाद गाैरघाट, रमदहा प्रपात पर पर्यटकाें काे मिलेगी सभी सुविधा

बैकुंठपुर6 दिन पहले
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ड्रोन से गौरघाट की पहली तस्वीर प्रकाश देवनाथ ने कैद की। - Dainik Bhaskar
ड्रोन से गौरघाट की पहली तस्वीर प्रकाश देवनाथ ने कैद की।

काेरिया जिले में पर्यटन को लेकर यहां के जल प्रपात संवारे जाएंगे। जिला प्रशासन योजनाओं को धरातल में उतारने की तैयारी में जुटा हुआ है। जिले के तीन मुख्य जलप्रपात काे पर्यटन के लिए चिंहित किया गया। इसमें अब तक अमृतधारा पर ही अधिक काम हुआ है। अब गाैरघाट और रमदहा जलप्रपात पर भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

कोरोना के चलते पिछले 2 साल से कोरिया में विकास कार्यों में तेजी नहीं आई, लेकिन लॉकडाउन के बाद कई बाहरी पर्यटक अंचल में आकर अपना समय बिताने की कोशिश किए, जिन्हें कोरिया की खूबसूरती देखने को मिली। घने वनों से सुशोभित कोरिया जिले के वनांचलों में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। इनमें मनोहारी प्राकृतिक दृश्य व प्राचीन एतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहरों से अटे पटे हैं। कोरिया जिला हसदेव, गोपद और बनास जैसी बड़ी जीवनदायिनी नदियों का उद्गम स्थल है। साथ ही अन्य सैकड़ों छोटी नदियां भी यहीं से निकलती हैं। कोरिया जिले में कई मनोरम जलप्रपात और घनी वन संपदा किसी को भी अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। कोरिया जिले के पर्यटन विशेषताओं को अब तक कोई खास महत्व नहीं दिया गया है, लेकिन अब जिले के जन प्रतिनिधि सरकार व जिला प्रशासन के साथ प्राकृतिक व अन्य दर्शनीय स्थलों तक पहुंचने के लिए भी तेजी से काम कर रहे हैं। सोनहत विकासखंड से जनकपुर विकासखंड तक फैले घने जंगल गुरूघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के रूप में जाने जाते हैं, जिसमें कई छोटे झरने भी मौजूद हैं।

इन झरनाें काे अब संवारने हाेंगे प्रयास..

1. रमदहा जलप्रपात
कठौतिया जनकपुर मार्ग पर स्थित चुटकी ग्राम से 3 किमी दूर बनास नदी पर रमदहा जलप्रपात है। इसके चारों ओर सघन साल, बांस के वृक्ष हैं। पास ही पुरातात्वि स्थल व मुरैलगढ़ पहाड़ है। इसके अलावा कई जल प्रपात व मनोहारी प्राकृतिक दृश्य देख सकेंगे।

2. गौरघाट जलप्रपात
कटगोड़ी से 20 किमी दूर तरा वंबसेर ग्राम के पास गौरघाट जलप्रपात हसदेव नदी पर है। ग्राम तर्रा के आगे जंगली रास्ते से यहां पहुंच सकते हैं। गौरघाट जल प्रपात नागपुर के पास स्थित अमृतधारा जल प्रपात से काफी कुछ मिलता जुलता है।

3. नीलकंठ जलप्रपात
सघन वन से घिरा हुआ 100 फीट से अधिक ऊंंचाई से गिरता जलप्रपात है। यहां विशाल शिविलंग प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। लोग इसे दूर-दूर से देखने आते हैं। यह गुरुघासी दास नेशनल पार्क में स्थित है। जिला मुख्यालय से दूरी करीब 50 किमी है।

4. आनंदपुर जल प्रपात
नाम के अनुरूप सघन नदियों से घिरा रमणीक स्थल है। यह चारों ओर से ऊंचे-ऊंचे जल प्रपात औरं झरनों से घिरा मनोहारी स्थल है। यह लोगों को रोमांचित करता है। जिला मुख्यालय से दूरी करीब 38 किमी है।

पर्यटन क्षेत्रों को विकसित कर सैलानियों के लिए बढ़ाएंगे सुविधाएं: कलेक्टर
कलेक्टर श्याम धावड़े ने कहा कि जिले में पर्यटन विकास के लिए प्रस्ताव जल्द तैयार करेंगे। जिले के उपेक्षित पड़े पर्यटन स्थलों को नए सिरे से विकसित करेंगे। साथ ही इन स्थलों में पर्यटकों के लिए सुविधाएं भी बढ़ाएंगे, ताकि जिले में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिले। इसके लिए जिले में प्रमुख पर्यटन स्थलों के समग्र विकास के लिए पर्यटन मंडल को प्रस्ताव भेजेंगे।

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