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मौसम का हाल:तापमान में वृद्धि के बाद नौतपा में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान

बैकुंठपुर19 दिन पहले
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29 मई को यास का असर खत्म होने के बाद अब नाैतपा में सूर्य की किरणें सीधी जमीन पर पड़ रही हैं। जिसकी वजह से अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि तापमान में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन बारिश होने से नमी के कारण उमस बढ़ रही है।

बारिश के बाद मौसम साफ होने के बाद अचानक पनप रहे मच्छरों से भी लोगों की परेशानी बढ़ रही है। चार दिन के बाद जिले में चक्रवात का असर खत्म होते ही नाैतपा में उमस भरी गर्मी बढ़ने लगी है। 29 मई से गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। तीन दिन के भीतर अचानक तापमान में वृद्धि होने के साथ अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री पर पहुंच गया है। जिसकी वजह से उमस भरी गर्मी पड़ रही है। चक्रवात के कारण मौसम में नमी आने के कारण नाैतपा के पहले चार दिन तक गर्मी का अहसास नहीं हुआ, लेकिन अब प्री-मानसून से पहले 15 जून तक उमस भरी गर्मी का सामना लोगों को करना पड़ेगा। बीते तीन दिनों से हर दिन सूर्य की किरण से जमीन की तपन बढ़ रही है। जिसके असर से लोग परेशान हैं। यहां बता दें कि 25 मई से नाैतपा शुरू हुआ है और 26 से यास के असर के कारण गर्मी का बिल्कुल भी अहसास 27 मई तक नहीं हुआ। लेकिन, 28 मई से माैसम के मिजाज में अचानक बदलाव होने के साथ गर्मी बढ़ने लगी। मौसम के जानकारों की मानें तो आने वाले तीन से चार दिन भीषण गर्मी पड़ेगी। इसके साथ ही लू चलने की भी चेतावनी दी जा रही है। जिसका असर 29 मई से देखने को भी मिल रहा है। यहां बता दें लॉकडाउन में ढील देने के बाद भी भीषण गर्मी के कारण 12 बजे के बाद लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे है। वहीं 2 जून को नौतपा समाप्त होने के बाद 3 जून से दो-तीन दिन तक बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।

नौतपा में गर्मी पड़ने की बड़ी वजह यह है
पंडित श्याम सलोने शास्त्री ने बताया कि सूर्य रोहणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आता है और इन 15 दिनों में पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिन तक नवतपा का अधिक असर होता है। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणे सीधे जमीन पर पड़ती है, इसके चलते तापमान बढ़ जाता है। सूर्य की तपिश का सामना लोगों को 2 जून तक करना पड़ेगा।

आंधी और बारिश के आसार
कृषि मौसम वैज्ञानिक पीआर बोबड़े पवार ने बताया कि अधिकतम तापमान के कारण मैदानी इलाकों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है। जो समुद्र की लहरों को आकर्षित करता। यहीं वजह है कि कई जगह आंधी-तूफान और बारिश जैसे हालात बनते हैं। नौतपा बुधवार को समाप्त होने के साथ ही बारिश की संभावना है।

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