ये भी कोरोना योद्धा:मैनपाट में 45 प्लस के सभी 503 तिब्बती टीका लगवा चुके, 18 से 44 उम्र के 900 में से सिर्फ 56 बाकी

अंबिकापुर8 महीने पहले
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  • मैनपाट में तिब्बतियों ने कराया 100 फीसदी वैक्सीनेशन, अब जनजति के लोगों को समझा रहे

मैनपाट में 45 से अधिक उम्र के 503 लोगों में से सभी ने टीका लगवा लिया है। वहीं 18 से 44 वर्ष के 900 लोगों में अब महज 56 लोग टीका लगवाने बाकी हैं। ये बाकी लोग भी टीका लगवाना चाहते हैं, लेकिन वैक्सीन कम पड़ रही है। ये लोग कैम्प से 7 किमी दूर जाकर टीका लगवा रहे हैं।

इसके साथ ही लोगों को समझा रहे हैं कि टीका लगवा लो वरना सामाजिक बहिष्कार करेंगे और कैंप में भी नहीं आने देंगे। यहां तिब्बतियों में टीका लगवाने काे लेकर जागरूकता है। बता दें कि मैनपाट में तिब्बत से आकर विस्थापित तिब्बतियों काे 1960 में बसाया गया था। अब तिब्बती एसोसिएशन का कहना है कि वे इस महामारी से मैनपाट काे बचाने लोगों को टीकाकरण कराने मोटिवेट भी करेंगे। बता दें कि टीका लगवाने गावों में अफसरों को समझाइश देनी पड़ रही है। वहीं यहां से तिब्बती खुद टीका लगवा रहे हैं।

डोज बर्बाद न हों इसलिए पहले से लगवा रहे थे टीके

तिब्बतियों की जागरूकता इसी बात से समझी जा सकती है कि जब 45 से अधिक उम्र के लोगों को शुरुआत में टीका लग रहा था। तब कई ग्रामीण टीका के लिए नहीं पहुंचते थे और टीका बर्बाद होने की स्थिति में आती थी तो पता चलते ही 45 से कम उम्र के तिब्बती भी टीका लगवा लेते थे। इसके कारण उनके कैम्प के आसपास के केंद्रों में टीके खराब नहीं हुए।

माझी जनजाति को टीका लगवाने कर रहे जागरूक

तिब्बत सेन्ट्रल एसोसिएशन द्वारा संचालित हॉस्पिटल में कार्यरत डाॅ. करमा का कहना है कि सभी कैम्प में रहने वाले तिब्बती अब इसके लिए काम कर रहे हैं कि माझी जनजाति व अन्य लोग जिनकी संख्या अधिक है। जो टीका लगवाने को लेकर झिझक रहे हैं। उन्हें सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी दे रहे हैं ताकि वे टीका लगवा लें, क्योंकि यहां जागरूकता का अभाव है।

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