मच्छरों से बीमारी फैलाने की आशंका:3 माह में बुखार के 4 गुना बढ़े केस, कारण जानने एंटोमोलाजिकल सर्वे

अंबिकापुर15 दिन पहले
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मच्छरों को इस तरह पकड़ रहे। - Dainik Bhaskar
मच्छरों को इस तरह पकड़ रहे।
  • रायपुर की टीम अंबिकापुर, मैनपाट व लखनपुर में सर्वे कर मच्छरों के सैंपल अपने साथ ले गई

बुखार के मरीजों की अचानक बढ़ोतरी से सकते में आए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब कारण जानने सरगुजा जिले में एंटोमोलाजिकल सर्वे करा रही है। तीन माह में ही सरगुजा जिले में बुखार के मरीजों की संख्या चार गुना बढ़ गई है। जुलाई में 14 दिन के भीतर सिर्फ 307 बुखार के केस आए थे। अभी पिछले माह सितंबर में 14 दिनों के भीतर 1789 केस मिले हैं।

यह सरकारी आंकड़े हैं, इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है और कहीं मच्छरों के काटने से ऐसा तो नहीं हो रहा, इसलिए एंटोमोलाजिकल सर्वे कराया जा रहा है। इसमें मच्छरों की प्रजाति व उसके स्टेन की जांच की जाती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य दूसरी वैक्टर जनित बीमारियां तो नहीं फैल रही है। रायपुर से आई विशेषज्ञों की टीम ने अंबिकापुर के अलावा मैनपाट, लखनपुर व अन्य ब्लाक के ग्रामीण इलाके में पिछले तीन दिन मच्छरों को पकड़ती रही और इन्हें बेहोश कर जांच के लिए रायपुर ले गई है। यहां लैब में इनकी जांच की जाएगी।

इन इलाकों से सुबह टीम ने लिए मच्छरों के सैंपल
एंटोमोलाजिकल टीम में स्टेट एंटोमोलॉजिस्ट डा. सुबोध धर शर्मा, जोनल एंटोमोलॉजिस्ट विनिता दुबे सहित तेज राम मंडावी, के अलावा जिले से सर्वजीत कुशवाहा, प्रवीण दास शामिल थे। इन्होंने अंबिकापुर ब्लाक के पोड़िपा, सोहगा, परसा के अलावा लखनपुर व मैनपाट ब्लाक के कई गांवों से मच्छरों का सैंपल लिया। उनके द्वारा लिए मच्छरों के सैंपल की जांच रायपुर के एनआईएमआर की लैब में की जाएगी। सप्ताहभर के भीतर रिपोर्ट आने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। बुखार के केस पर नजर रख रहे हैं।

बुखार पीड़ित आ रहे ज्यादा
मेडिकल काॅलेज सहित जिले के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इनमें 50 फीसदी से ज्यादा बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। मेडिकल काॅलेज अस्पताल में 80 बेड का शिशु वार्ड एक महीने से बेड खाली नहीं हो रहे हैं। यही स्थिति दूसरे सरकारी अस्पतालों में भी बनी हुई है।

एलाइजा जांच में निगेटिव
लुंड्रा, मैनपाट से बुखार के गंभीर मरीज मिले थे। मैनपाट के खड़गवां क्षेत्र के बालक को अंबिकापुर में भर्ती कराया था। प्रारंभिक जांच किट से सैंपल जांचे, जिसमें रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई, लेकिन जब एलाइजा टेस्ट किया, तो रिपोर्ट निगेटिव मिली। ऐसे और कई मामले हैं, इसलिए सही कारण जानने सर्वे करा रहे हैं।

मच्छरों की प्रजाति जानने कराया सर्वे, बरतें सावधानी
बुखार सहित अन्य वैक्टर जनित बीमारी के केस बढ़े हैं। इसलिए कारण जानने एंटोमोलाजिकल सर्वे कराने हमने शासन को प्रस्ताव भेजा था। मच्छरों की प्रजाति व इससे होने वाली बीमारी के बारे में पता चलता है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है। हमने तैयारी पूरीकर ली है। अभी मलेरिया, डेंगू सहित अन्य वैक्टर जनित बीमारी के केस नहीं मिले हैं। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
-डाॅ. पीएस सिसोदिया, सीएमएचओ, सरगुजा

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