एक करोड़ से बना मोटल खंडहर में तब्दील:कलेक्टर ने मोटल के जीर्णोद्वार के लिए डिप्टी कलेक्टर की अगुआई में टीम गठित की

पटना24 दिन पहले
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एक करोड़ रुपए की लागत से पर्यटन विभाग द्वारा 15 साल पहले बनाए गए थ्री स्टार मोटल अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। भीतर रखे कीमती सामान भी गायब हो चुके हैं। 3 नवंबर को कोरिया कलेक्टर श्याम धावड़े मोटल के निरीक्षण किया।

थ्री स्टार मोटल की दुर्दशा देख वे बेहद नाराज हुए। उन्होंने माेटल काे जीर्णोद्घार करने डिप्टी कलेक्टर की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम को गठन किया गया है, जिसमें आरईएस के कार्यपालन अभियंता, पटना तहसीलदार व पटना थाना प्रभारी को शामिल किया गया है। पटना क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे कोरिया कलेक्टर श्याम धावड़े ने ग्राम पंचायत पटना व चिरगुड़ा की शरहद दर्री डांड़ में नेशनल हाईवे क्रमांक 43 सड़क किनारे बने मोटल का निरीक्षण किया। इस दौरान सरपंच गायत्री सिंह सहित पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि मोटल का निर्माण 15 साल पहले किया गया था, लेकिन निर्माण के बाद मोटल का लोकापर्ण ही नहीं हुआ।

साथ ही संबंधित विभाग द्वारा मोटल गतिविधियां प्रारंभ तक नहीं की गई। वर्तमान में उक्त भवन की हालत अत्यंत जीर्ण शीर्ण हो गई है। भवन में लगे सभी खिड़की दरवाजे गायब हो चुके हैं। लोग फर्श पर लगी टाइल्स भी उखाड़ कर ले गए। भवन में रखे गए फर्नीचर व अन्य सामग्री तक गायब हो चुके हैं। पूरे मोटल परिसर व भवन के आंगन में घास और झाडिय़ां उग गई है। परिसर में गंदगी पसरी पड़ी है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्याम धवाड़े ने अफसरों पर नाराजगी जताई। उन्होंने भवन को वापस दुरूस्त करने चार सदस्यीय टीम तैयार कर निरीक्षण कर एस्टीमेट तैयार बनाने के निर्देश दिया है। टीम ने डिप्टी कलेक्टर कोरिया प्रशांत कुशवाहा, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कोरिया, तहसीलदार भीष्म पटेल, थाना प्रभारी सौरभ द्विवेदी को शामिल किया गया है।

मोटल के भीतर रखा सामान व टाइल्स खोदकर ले गए चोर
मोटल के निर्माण बाद फर्नीचर समेत कई कीमती सामान चोर चुराकर ले गए। इसकी भनक लगने के बाद बाकी बचा सामान विभाग ने 10 साल पहले विभाग के अफसर पटना से मैनपाट के रिसोर्ट में रखवा दिया, क्योंकि यहां निर्माण के बाद से कभी कोई पर्यटक नहीं आया। वर्तमान में मोटल के खिड़की, दरवाजे, बाथरूम में लगे नल आदि भी चोरी हो चुकी है। फर्श से टाइल्स तक लोग निकाल कर ले गए हैं।

निर्माण के बाद पहली बार अफसरों ने किया निरीक्षण
क्षेत्रवासियों ने बताया कि साल 2005-06 में भवन का निर्माण जल्दबाजी में कराया गया। भवन बनकर तैयार होने के बाद भवन की स्थिति देखने बीते 15 सालों में एक भी अफसर यहां नहीं पहुंचे। विधान सभा चुनाव के पूर्व आचार संहिता के दौरान श्रेय लेने के फेर में इसका लोकापर्ण तक नहीं हो सका। 3 अक्टूबर 2006 को आनन फानन में तात्कालीन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने उद्घाटन कर पत्थर लगाया गया। इसके बाद कोई यहां झांकने तक नहीं पहुंचे।

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