समस्या / श्रमिकों की घर वापसी से 404 करोड़ के निर्माण कार्य अटके

Construction of 404 crores stuck due to workers' return home
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Construction of 404 crores stuck due to workers' return home

  • मेडिकल काॅलेज में 374 करोड़ और 30 करोड़ से गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी मेें भवन निर्माण का कार्य तय समय सीमा में नहीं हो सकेगा पूरा

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

अंबिकापुर. कोरोना संक्रमण के कारण लाॅकडाउन में घर गए श्रमिकों के नहीं लौटने से जिले के निर्माणाधीन सभी बड़े प्रोजेक्ट पर सीधा असर दिखने लगा है।
सरकार द्वारा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अनलाॅक-1 से निर्माण कार्य शुरू करा दिए गए हैं, लेकिन श्रमिकों की कमी का असर यह है कि मेडिकल काॅलेज भवन के निर्माण की गति 20 फीसदी तक रह गई है तो संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। पीडब्ल्यूडी का यह दोनों निर्माण जिले में सबसे बड़ा है। मेडिकल काॅलेज का 374 करोड़ और यूनिवर्सिटी का 30 करोड़ का प्रोजेक्ट है। लॉकडाउन से पहले काम की रफ्तार तेज थी। अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। भास्कर ने मंगलवार को बिशुनपुर में चल रहे मेडिकल काॅलेज भवन निर्माण की साइट का जायजा लिया तो देखकर नहीं लगा कि यहां जिले के सबसे बड़े प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। पीछे की तरफ अलग-अलग जगह कुछ निर्माण चल रहा है। पूछताछ में पता चला पहले यहां प्रतिदिन 800 श्रमिक काम करते थे, लेकिन अभी करीब 200 मजदूर ही काम कर रहे हैं। इससे निर्माण की रफ्तार कम हो गई है। अधिकारी बताते हैं कि श्रमिकों के लिए फर्म व विभाग स्तर पर पता किया जा रहा है, लेकिन कोई आने तैयार नहीं हो रहे हैं।

दूसरे राज्य के थे सभी श्रमिक इसलिए बनी है ऐसी स्थिति
मेडिकल काॅलेज में काम करने वाले 90 प्रतिशत कुशल व अकुशल श्रमिक उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड सहित दूसरे प्रांतों के थे। इनमें बिजली, पलंबर, भवन निर्माण के मिस्त्री, मजदूर व मैकनिक शामिल हैं। ये संबंधित फर्म में सालों से काम करते थे और अपने-अपने काम में पूरी तरह दक्ष थे। यही वजह है कि इनके जाने से पूरा काम ही प्रभावित हो गया है। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत कुशल श्रमिकों को लेकर हो रही है।

दोनों भवनों का निर्माण समय पर नहीं होगा पूरा
काम की रफ्तार कम होने से सीधा असर भवन के निर्माण के लिए तय किए गए समय पर पड़ेगा। मेडिकल काॅलेज भवन का काम अभी 25 फीसदी ही हो पाया है। काॅलेज की मान्यता में भवन की कमी दूर करने इसके एक यूनिट का काम दिसंबर 2020 में पूरा कर हैंडओवर करना है, लेकिन स्थिति देखकर यह नहीं लग रहा है यह हो पाएगा। यूनिवर्सिटी का काम पहले से पिछड़ा है और इसे जून में ही पूरा करना था, लेकिन यहां काफी निर्माण बाकी है।

श्रमिकों के लिए सभी मिलकर कर रहे हैं प्रयास
"यह समस्या पूरे देश में है। जो श्रमिक घर चले गए हैं वे अब आने में डर रहे हैं। हमारे जो भी काम चल रहे हैं उसमें कुशल व अकुशल दोनों प्रकार के वर्कर थे। ज्यादा दिक्कत कुशल वर्करों को लेकर हो रही है। ठेकेदार व विभाग के अधिकारियों को श्रम विभाग में जाकर पंजीकृत श्रमिकों के बारे में पता करने कहा गया है। इसके साथ बाहर से जिले में लौटे श्रमिकों के बारे में जानकारी मंगाई जा रही है। इससे कुछ मदद मिल सकती है।"
-समय लाल, एसई, पीडब्ल्यूडी, सरगुजा

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