तस्करी:29 थाने व चौकियां पार कर 1.60 करोड़ का 16 क्विंटल गांजा बलरामपुर जा पहुंचा, यूपी बाॅर्डर पर पकड़ाया

अंबिकापुर4 महीने पहले
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बलरामपुर जिले की बसंतपुर पुलिस ने 1.60 करोड़ कीमत का गांजा जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे का वजन 16 क्विंटल के करीब बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक गांजा लोड वाहन के आगे तस्करों की एक और फॉलो गाड़ी भी चल रही थी, जिसे पुलिस समझ नहीं पाई और वह फरार हो गए। यह गांजे की खेप ओडिशा से यूपी के लिए भेजी जा रही थी। ओडिशा से बलरामपुर के बीच छत्तीसगढ़ सीमा लगते ही महासमुंद से बलरामपुर तक सड़क मार्ग की दूरी 1000 किलोमीटर है।

अगर तस्कर ओडिशा से महासमुंद होते हुए नेशनल हाइवे 53 से रायपुर पहुंचा होगा, तब 11 थाने पड़ते हैं। वहीं हाइवे 353 से होकर रायपुर तक पहुंचा होगा, तब भी 7 पुलिस स्टेशन पड़ते हैं। इसके बाद रायपुर से गाड़ी बदलकर बलरामपुर जिले के बसंतपुर पहुंचने में 18 थाने और पुलिस चौकी को पार करना पड़ता है। यानि महासमुंद से बलरामपुर आने में चालक को 29 थाने और पुलिस चौकियों को पार करना पड़ा होगा, लेकिन किसी भी थाने या चेकपोस्ट पर यह वाहन नहीं पकड़ा जाना पुलिस चौकसी पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। गांजा ढोने वाले चालक के मुताबिक वह ओडिशा से गांजा वाहन में लोड कर निकला और रायपुर में दूसरे वाहन स्वराज माजदा में गांजा के पैकेट को लोड कर दिया।

पुलिस को शक न हो इसके लिए गांजे के ऊपर से फूलगोभी के पैकेट रख दिए, ताकि बाहर से देखने पर सब्जी ढोने की गाड़ी पता चले। फूलगोभी सड़ी हुई थी, जिससे बदबू आ रही थी। ऐसे में वाहन गांजा होने का पता लगाना मुश्किल था। तस्करी का इनपुट पुलिस को तब मिला, जब गाड़ी रायपुर से नहीं निकली थी। अंतरराज्यीय धनवार चेकपोस्ट, जहां कोविड के लिए जांच शुरू की गई है, वहां पुलिस भी उनका इंतजार कर रही थी, लेकिन वाहन चालक पुलिस को चकमा देकर सभी चेकपोस्ट से कब निकल गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।

तस्कर को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती, सिर्फ चालक गिरफ्तार
वाहन चालक की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के पास इसके तस्कर तक पहुंचने की चुनौती है, क्योंकि यूपी और ओडिशा के साथ रायपुर में भी गिरोह के लोग जुड़े दिख रहे हैं। वहीं यह भी सवाल उठ रहा है कि सड़क मार्ग से यह गाड़ी कई जिलों की पुलिस की जांच को खानापूर्ति बताकर आगे बढ़ गया, लेकिन कहीं भी नहीं पकड़ा गया, जबकि अब तो ओडिशा बार्डर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का दावा किया जाता है।

जानकारों का कहना है कि बलरामपुर जिले के बनारस रोड़ में पड़ने वाले थानों व पुलिस चौकी के कुछ लोगों से तस्करों की पुरानी सेटिंग भी रही है, जिसके कारण तस्करी नहीं पकड़ी जाती, लेकिन इस बार सेटिंग बिगड़ गई।

सब्जी का व्यापार पुराना, इसलिए सब्जी की आड़ में तस्करी
पुलिस ने जिस सब्जी लोड वाहन से 53 पैकेट में गांजा जब्त किया है, उसका कांटा कर वजन कराया गया। वाहन को इश्तियाक अहमद 42 वर्ष चला रहा था, जो खुद भी कबीर नगर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। वहीं वाहन में गाड़ी नंबर एमएच 04 9275 लिखा है। आशंका है कि तस्करों ने दूसरी गाड़ी का नंबर प्लेट इस वाहन में लगाया होगा, क्योंकि कई बार तस्कर ऐसा करते हैं। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ से यूपी और यूपी से छत्तीसगढ़ सब्जी का व्यापार होता है, इसलिए तस्कर सब्जी की आड़ लेते हैं, ताकि पुलिस को शक न हो।

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