स्वास्थ्य सेवाएं अब भी बदहाल स्थिति में पड़ी हुई:3 किमी दूर एंबुलेंस तक ले जाते गर्भवती का खाट पर प्रसव

ओड़गी2 महीने पहले
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खाट पर महिला को लेकर जाते। - Dainik Bhaskar
खाट पर महिला को लेकर जाते।

सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं अब भी बदहाल स्थिति में पड़ी हुई हैं। हालत यह हैं कि आए दिन गर्भवती महिलाओं की गंभीर स्थिति होने के बाद भी रास्ते में ही प्रसव होने के मामले सामने आते रहे हैं। इसी बीच दर्द से तड़पती एक पंडो जनजाति की गर्भवती महिला को खाट की मदद से एंबुलेंस तक पहुंचने से पहले ही बच्चे का जन्म हो गया।

घर से तीन किमी दूर तक खाट की मदद से परिजन उसे पैदल लेकर जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में ही बच्चे का जन्म हो गया। मामला ओड़गी विकासखंड के ग्राम पंचायत भवंरखोह के पारा सेमरखाड़ का है। यहां बसंती पंडो पत्नी रामभरोस पंडो को देर शाम करीब 6 बजे प्रसव का दर्द शुरू हुआ। प्रसव सुविधा के लिए परिजन ने महतारी एक्सप्रेस को फोन किया, लेकिन रास्ता खराब होने से परिजन खाट में महिला को लेकर करीब 3 किलोमीटर के रास्ते को पैदल ही पार करने निकल पड़े, लेकिन आधे रास्ते में खाट में ही बच्चे का प्रसव हो गया। फिर परिजन खाट में ही जच्चा-बच्चा सहित उसे घर ले आए। परिजन का कहना है कि पारा में सड़कों का हाल-बेहाल है। इस कारण गर्भवती महिलाओं सहित बीमार लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है।

पंडो जनजाति के करीब 250 लोग रहते हैं यहां
ग्रामीणों ने बताया कि भवंरखोह गांव के सेमरखाड़ में लगभग 250 लोगों की जनसंख्या है, लेकिन पारा से गांव तक लगभग 3 किलोमीटर की कच्ची सड़क पगडंडी रास्ते और गड्‌ढे में तब्दील हो गई है। बीच-बीच में छोटे-छोटे नालों में पुल भी नहीं है। पंडो जनजाति के लोगों ने सरकार से जल्द पुल और सीसी सड़क की मांग की है। उन्होंने कहा इस समस्याओं को लेकर कई बार आवेदन दिया, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

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