जिले का पहला केस:दोनों हाथों से दिव्यांग युवक ने जांघ में कोरोना का टीका लगवाया, क्योंकि हाथों में नहीं थी मांसपेशी

अंबिकापुर8 महीने पहले
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दिव्यांग युवक ने लगवाई वैक्सीन की पहली डोज। - Dainik Bhaskar
दिव्यांग युवक ने लगवाई वैक्सीन की पहली डोज।
  • कोरोना का टीका लगवाने से लोग अभी बच रहे, लेकिन दिव्यांग ने पेश की मिसाल

कोरोना से बचने टीकाकरण तो किया जा रहा है, लेकिन लोग अभी भी इससे बच रहे हैं। वैक्सीनेशन केंद्रों में सन्नाटा रह रहा है। सरगुजा जिले में तो औसत 4500 के आसपास लोगों ही हर रोज वैक्सीन लग पा रही है। इन सबके बीच जिले के बतौली केंद्र में शनिवार को एक दिव्यांग ने खुद जाकर कोरोना का टीका लगवाया।

युवक के दोनों हाथों में पोलियो की शिकायत है और इसमें मांसपेशी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बतौली निवासी सनोज एक्का 37 वर्ष जब केंद्र में टीका लगवाने पहुंचा, तो वहां रहे कर्मचारी भी कुछ समय के लिए परेशान रहे, क्योंकि हाथों में मांसपेशी नहीं होने से वे समझ नहीं पा रहे थे कि टीका किस जगह लगाया जाए? फिर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. राजेश भजगावली को फोन कर इसके बारे में जानकारी दी। डाॅ. भजगावली ने कर्मचारियों को युवक की जांघ में वैक्सीन लगाने की सलाह दी। इसके बाद उसे पहली डोज लगाई गई और इसका प्रमाण-पत्र दिया गया। यह जिले का पहला केस है। युवक दूसरे लोगों के लिए एक मिसाल है, जो टीका लगवाने से अब भी बच रहे हैं।

हाथ में मांसपेशी नहीं होने से होती दिक्कत
जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. राजेश भजगावली ने बताया कि कोरोना की वैक्सीन मांसपेशी में दी जाती है। युवक के हाथ में मांसपेशी नहीं होने से इंजेक्शन शरीर में नहीं फैलता, इसलिए उसे जांघ में वैक्सीन लगाई गई। यह जिले का पहला केस है।

अभी 51 फीसदी लोगों को ही लगा फर्स्ट डोज
सरगुजा जिले में 18 साल से अधिक उम्र के 51 प्रतिशत लोगों को अब तक कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग पाई है। दूसरी डोज का आंकड़ा 22 प्रतिशत के आसपास है। यह काफी कम है। जिले में 7 लाख से अधिक लोगों को टीका लगना है।

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