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परेशानी:किसान बोले- कम बारिश से धान उत्पादन प्रभावित कैसे चुकेगा 12 सौ कृषकों पर 3. 60 करोड़ का कर्ज

पटना/बैकुंठपुर13 दिन पहले
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  • बारिश नहीं होने से खेत सूख गए, किसानों ने कहा पटना क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान

जिले में धान की खेती के लिए अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हो सकी है। तय समय पर उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं होने से धान का उत्पादन बड़े पैमाने पर प्रभावित होने की बात कही जा रही है। इसमें सबसे अधिक नुकसान बैकुंठपुर ब्लॉक के किसानों को होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक 6 सितंबर की स्थिति में कोरिया जिले में 850 मिमी बारिश होने का अनुमान थी।

पटना में पानी की कमी से किसानों की फसल खराब होने की कगार पर पहुंच चुकी है, सप्ताह भर के भीतर बारिश नहीं हुई तो इस साल किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। बारिश के भरोसे खेती करने वाले किसानों की नजर आसमान की ओर लगी हुई है। पटना क्षेत्र में बारिश हुए करीब एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, बारिश न होने से पानी की कमी से किसानों के खेतों में दरारें पड़ चुकी है। धान के पौधे सूखने लगे हैं जो किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। किसान रामलाल राजवाड़े, अमित कुशवाहा, योगेश कुशवाहा सहित क्षेत्र के किसानों के मुताबिक इस साल प्री-मानसून में अच्छी बारिश होने की वजह से समय पर रोपाई, बुआई व बियासी का कार्य हो गया। अधिकांश धान की फसलें बड़ी हो चुकी हैं, जिन्हें पानी की अति आवश्यकता है। ऐसे समय में महीने भर से बारिश न होने की वजह से खेत सूख गए है। इसका असर धान के पैदावार पर पड़ेगा।

डीडीए बोले- कम बारिश से पैदावार घटेगा
कृषि विभाग के उप संचालक पीएस दीवान ने कहा कि बारिश कम होने से उत्पादन पर असर दिखेगा। हालांकि ऐसा भी नहीं है कि धान की फसल सुख जाएगी। उन्होंने बताया कि सबसे खराब हालात केल्हारी तहसील का है। यहां कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

अधिकांश किसानों की खेती बारिश पर ही निर्भर
पानी की कमी के कारण पौधों में अच्छे से बालियां नहीं निकलेंगी, इससे पैदावार भी कम होगा। बता दें कि पटना क्षेत्र के अधिकांश किसानों की खेती कार्य बारिश पर ही निर्भर है हालांकि क्षेत्र के अमहर, कोचिला, छिंदिया, रामपुर, पीपल डांड़, बरदिया, करहिया खांड़, सावांरावां, पीपरा में सिंचाई के लिए नहर की सुविधा है, लेकिन अपेक्षा अनुरूप नहरों में भी पानी न होने के कारण किसानों के खेतों की फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है।

12 सौ किसान बारिश नहीं हुई तो कर्ज में डूब जाएंगे
खेती कार्य के लिए आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पटना से 12 सौ किसानों ने 3 करोड़ 60 लाख 29 हजार 850 रुपए का खाद, बीज व नगद राशि कर्ज लेकर खेती कार्य पूरा किया है। साथ ही घर की जमा पूंजी भी किसान खेती कार्य में इस उम्मीद से लगा दी है कि अच्छी फसल होगी तो मुनाफा भी ठीक ठाक होगा। बारिश की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। समय रहते बारिश नहीं हुई तो किसानों को कर्ज जमा करने के साथ भारी नुकसान होगा।

जलाशयों में जल भराव के बाद भी नहीं मिल रहा पानी
क्षेत्र के अमहर, गोबरी, पीपल डांड़, महोरा जलाशयों में बारिश का पानी रुका है, लेकिन जलाशयों के पानी से किसान अपने सूखते हुए धान की फसल को नहीं बचा पा रहे हैं, क्योंकि जलाशयों में लगे वाल्व व गेट का सुधार कार्य पिछले कई वर्षों से नहीं हुआ है। कहीं नहरों की सफाई न होने से पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है तो कहीं खेतों में बनाए गए नाली निर्माण में बरती गई लापरवाही के कारण नालियों के माध्यम से पानी खेतों में नहीं पहुंच रहा है।

55 हजार हेक्टेयर में ही धान की हुई पूर्ति
वरिष्ठ कृषि अधिकारी जैन ने कहा कि जिले में इस साल धान की खेती का लक्ष्य 68 हजार 740 हेक्टेयर में कराने का लक्ष्य रखा गया था। समय पर बारिश नहीं होने से किसान इस साल करीब 55 हजार 414 हेक्टेयर में ही धान की खेती कर पाए हैं। धान की खेती का नुकसान सबसे अधिक बैकुंठपुर, केल्हारी में होने की आशंका है। थम-थमकर हो रही बारिश से पनपते फसल में झुलसा, पनसोख जैसी बीमारी की संभावना को लेकर किसान चिंतित हैं।

जिले में बारिश की संभावना नहीं: केवीके
मौसम वैधशाला सलका के कृषि मौसम वैज्ञानिक पीआर बोबड़े पवार ने बताया कि जिले में बारिश की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। बता दें कि बारिश नहीं होने से जिले का तापमान बढ़ा है, वहीं उमस से लोग परेशान हैं।

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