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अवैध यार्ड:लीज 1.619 हेक्टेयर की, लेकिन 11 हेक्टेयर पर कब्जा

अंबिकापुर14 दिन पहले
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  • कलेक्टर के निर्देश पर खनिज व राजस्व टीम ने जांच की, बॉक्साइट माइनिंग में जिस जमीन की लीज, वहां यार्ड नहीं

मैनपाट में सीएमडीसी द्वारा निजी कंपनी को बाॅक्साइट माइनिंग का काम देने के मामले में अवैध तरीके से डंपिंग यार्ड चलाने का दैनिक भास्कर ने बड़ा खुलासा किया था। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर यार्ड की जांच करने पहुंची खनिज अाैर राजस्व विभाग की टीम ने पाया कि जिस जमीन पर यार्ड बनाया गया है, उस जमीन की लीज मां कुदरगढ़ी स्टील प्राइवेट लिमिटेड के पास नहीं है।

वहीं माइनिंग के बाद यार्ड में 25 हजार टन बाॅक्साइट भंडारण की सीमा है, लेकिन वहां 8 लाख टन बाॅक्साइट डंप मिला, जिसका कोई कागजात भी नहीं था। वहीं यार्ड के लिए 1.619 हेक्टेयर जमीन की लीज है, लेकिन 11 हेक्टेयर में यार्ड है। इस अवैध यार्ड में भी न तो बाउंड्रीवाॅल किया है और न ही सुरक्षा व प्रदूषण के मापदंडों का पालन किया। जांच के दौरान सीएमडीसी के अफसर व ग्रामीण भी थे। जांच में इतना स्पष्ट हुआ कि बाॅक्साइट का यार्ड अवैध है और वहां डंप बाॅक्साइट भी मापदंडों का पालन किए बिना डंप किया है, जो अवैध है।

मैनपाट के बरिमा, नर्मदापुर में बाॅक्साइट खनन ठेका कंपनी से कराया जा रहा है और उसे यार्ड में डंप किया जाता है। जांच के बाद अफसरों ने ग्रामीणों के सामने पंचनामा तैयार किया और उनका हस्ताक्षर कराया। तब पंचनामा को उन्हें पढ़कर सुनाय, लेकिन ग्रामीणों को शक है कि जांच के बाद तैयार पंचनामा को कहीं बदल न दें, क्योंकि उन्होंने हस्ताक्षर के बाद पंचनामा की प्रति मांगी, तो उन्हें नहीं दिया और न फोटो लेने दिया।

विभाग ने सिर्फ अपने इंस्पेक्टर को भेजा
सोमवार को जांच के दौरान खनिज विभाग ने अपने इंस्पेक्टर मात्र को भेजा और एक यार्ड की जांच कर लौट आए, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि बाक्साइट खनन के दौरान भी गफलत होती है, वहां जाकर जांच करने पर और गड़बड़ी पकड़ी जाती, लेकिन वहां वे नहीं गए।

दूसरी जगह भी बॉक्साइट डंप कर खनन करा रहे
राजस्व विभाग अपनी जमीन को खाली कराने कोई कदम उठाएगा या फिर राजनैतिक व कारपोरेट दबाव के आगे झुक जाएगा। यह भी सवाल है कि सीएमडीसी ठेका निजी कंपनी मां कुदरगढ़ी स्टील प्राइवेट लिमिटेड से यह काम वापस लेती है या दिखावे की कार्रवाई कर छोड़ देती है। दूसरी तरफ ठेका कंपनी दूसरी जगहों पर भी बॉक्साइट खनन कर डंप कर रही है, लेकिन उसकी जांच सोमवार को खनिज व राजस्व अमले ने नहीं की और न ही सीएमडीसी ने रुचि दिखाई।

कार्रवाई नहीं करना चाहते अफसर, सिर्फ खानापूर्ति
मैनपाट में 30 सालों से बाॅक्साइट का खनन चल रहा है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इस समय कुछ सालों से ठेका कंपनी को सीएमडीसी ने खनन का काम दिया है, तब से अवैध तरीके से इसका काम चल रहा है। सरगुजा के नदी-नालों से जिस तरह बालू की चोरी हो रही है और लोग डंप कर उसकी बिक्री करते हैं, उसी तरह बॉक्साइट में भी हो रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते।

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