पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अनदेखी:17 किमी हाईवे में 8 इंच तक हो चुके कई गड्‌ढे, वाहन चालकों में कमर और पीठ दर्द की बढ़ी शिकायत

बैकुंठपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • मरम्मत के लिए भेजे गए 8 करोड़ के प्रस्ताव को 1 साल बाद भी अब तक नहीं मिली मंजूरी

खरवत से जमगहना तक करीब 17 किमी खस्ताहाल हाईवे की मरम्मत कराने वन टाइम एम्प्रूवमेंट के लिए 7 करोड़ 90 लाख का स्टीमेट मंजूरी के लिए भेजा था, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिली है। वहीं इस सड़क को पीडब्लूडी को भी सौंपने पर मौखिक चर्चा हुई थी। अब बारिश समाप्त होने के बाद सड़कों के मरम्मत का काम शुरू होगा, लेकिन यहां शहर की सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय मुख्य शहर से गुजरने वाली एनएच सड़क, जिसकी लंबाई खरवत से जमगहना तक करीब 17 किमी है। जगह-जगह छोटे-बड़े हजारों की संख्या में गड्‌ढे बन गए हैं। वहीं खरवत से जमगहना के लिए 5 किमी बाइपास बनने के कारण अब मुख्य शहर की सड़क पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। हर साल खराब हाईवे को काम चलाऊ बनाने मिट्‌टी, मुरूम और गिट्‌टी डालकर गड्ढा भर दिया जाता है। इस खानापूर्ति से वाहन चालकों की परेशानी कम नहीं हो रही है। खराब सड़क के कारण कमर दर्द के मरीज लगातार जिले में बढ़ रहे हैं। वहीं गड्ढों के कारण गाड़ियों के शॉकअप समेत अन्य मेंटनेंस का खर्च भी बढ़ गया है। जिला मुख्यालय कलेक्टोरेट से लेकर भांड़ी चौक तक करीब 10 किमी लंबी एनएच सड़क में कई बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे हैं। हर साल इन गड्ढों को भरने के लिए मिट्‌टी, गिट्‌टी और पेंच रिपेयरिेंग का काम किया जाता है, लेकिन कुछ दिन के बाद हालात फिर पहले की तरह हो जाते हैं।

50 फीसदी मरीज कमर दर्द के आते हैं: डॉ. बंसरिया
हड्‌डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र बंसरिया ने बताया कि लगातार कमर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ रही है और अधिकांश तो डाॅक्टरी सलाह के बिना ही दर्द निवारक दवा का सेवन कर रहे हैं, जो उनकी सेहत के लिए खतरनाक है। डाॅ. बंसरिया ने बताया कि ऐज फैक्टर के कारण कमर दर्द की शिकायत लेकर कम मरीज पहुंचते हैं, लेकिन वाहन से ट्रेवलिंग करने वाले लोग कमर दर्द की शिकायत लेकर आने वालों की संख्या अधिक होती है।

पीएचई प्लांट से लेकर कलेक्टोरेट तक गिट्‌टी उखड़ने से 4 से 8 इंच साइज के बने गड्ढे
सबसे ज्यादा खराब हालत ओड़गी नाका के आगे स्थित पेट्रोल पंप, आईसेक्ट कालेज के पास, भटठीपारा, पीएचई फिल्टर प्लांट, रामानुज हायर सेकंडरी स्कूल, पुराना बस स्टैंड, नजीर पेट्रोल पंप समेत भांडी चौक के आगे धान खरीदी केंद्र तक सड़क में हजारों गड्ढे हैं। यहां बता दें कि पीएचई फिल्टर प्लांट से लेकर कलेक्टोरेट तक कई जगह 50-50 मीटर तक सड़क खराब है। गिट्‌टी उखड़ने से 4 से 8 इंच साइज के गड्ढे बन गए हैं।

पीडब्ल्यूडी,एनएचएआई व नगर पालिका की संयुक्त बैठक हुई
तात्कालिक कलेक्टर डोमन सिंह की अध्यक्षता में पीडब्लूडी, एनएचएआई और नगर पालिका की संयुक्त बैठक हुई थी। इसमें सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने के साथ नाली, डिवाइडर और डामरीकरण कर शहर को नया लुक देने की बात कही गई थी। इसमें कलेक्टोरेट से लेकर भांडी चौक तक एनएच सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की बात कही गई थी।

पीडब्लूडी, नपा, एनएच की बैठक लेंगे: कलेक्टर
कलेक्टर एसएन राठौर ने भी यह माना कि जिला मुख्यालय की मुख्य एनएच सड़क खराब हालत में है। इसके लिए उन्होंने बताया कि एनएच, नपा और पीडब्लूडी विभाग की बैठक लेकर निर्णय लेंगे। पीडब्लूडी को सौंपने के सवाल पर उन्होंने बताया कि सड़क एनएच बनाने के बाद पीडब्लूडी का सौंपेगी।

मंजूरी नहीं मिलने से अटका काम: एनएच इंजीनियर
एनएच इंजीनियर उत्तम कुमार पोर्ते ने बताया कि हाईवे प्रोजेक्ट से शहर की सड़क को बाहर करने के बाद वन टाइम एम्प्रूवमेंट के लिए 7 करोड़ 90 लाख का बजट बनाकर भेजा है, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो सका है। अब तो एनएच अथॉरिटी द्वारा रिपेयरिंग भी नहीं करा रहे। खरवत से छिंदडांड, बस स्टैंड, भांडी के रास्ते जमगहना तक की 17 किमी सड़क का मरम्मतीकरण भी फिलहाल प्रभावित है।

खबरें और भी हैं...