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भूमि चयन में बेपरवाही:पुराने के बराबर नए अस्पताल भवन की जमीन, जगह कम होने से 100 बेड का एमसीएच बनने पर संकट

बैकुंठपुरएक महीने पहले
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  • नया जिला अस्पताल भवन बनाने तलवापारा में 2.58 एकड़ भमि चयनित, भवन बनाने 33 करोड़ की मंजूरी

तलवापारा में 2.58 एकड़ जमीन पर दो सौ बेड का नया जिला अस्पताल भवन बनाने के लिए 33 करोड़ 5 लाख रुपए की मंजूरी मिली है। लेकिन अस्पताल भवन के लिए चिन्हित जमीन भविष्य के निर्माण कार्यों के हिसाब से कम बताई जा रही है। शहरवासियों का मानना है कि चिंहित स्थल पर जमीन कम होने के कारण मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ केयर (एमसीएच) के तहत बनने वाले सौ बेड के अस्पताल पर पानी फिर सकता है, क्योंकि एनएचएम गाइड लाइन के मुताबिक एमसीएच हॉस्पिटल जिला अस्पताल परिसर या अस्पताल के पास बनाना होता है। ऐसे में 35 करोड़ से स्वीकृत होने वाले इस भवन पर संशय की स्थिति बन गई है। बता दें कि जिला निर्माण के साथ ही जनप्रतिनिधियों व आम जनमानस के द्वारा नए जिला अस्पताल भवन की निरन्तर मांग की जा रही थी। जिसका निर्माण अब शीघ्र ही पूरा होगा। नया जिला चिकित्सालय बन जाने से जिलेवासियों को और बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। डीएमएफ से जिला अस्पताल भवन के लिए 33 करोड़ 5 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति कलेक्टर एस एन राठौर ने शनिवार को दी है। लेकिन नए जिला अस्पताल भवन के लिए गर्ल्स कॉलेज के सामने चिंहित 2.58 एकड़ जमीन पुराने जिला अस्पताल भवन के बराबर ही बताई जा रही है। ऐसे में भविष्य की प्लानिंग किये बिना करोड़ों रुपए खर्च करना अस्पताल के साथ-साथ शहर से भी अन्याय माना जाएगा। शहरवासियों का कहना है कि बढ़ते जिले की परिकल्पना व भविष्य के हिसाब से किसी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल को ढाई एकड़ में समेट देना गलत होगा। अस्पताल के लिए जिस स्थान का चयन किया गया है। वहां गर्ल्स कॉलेज, छात्रावास, बालगृह और पीजी कॉलेज लगा है। बेहतर भविष्य के मद्देनजर अस्पताल के लिए कम से कम 10 एकड़ जमीन का चयन किया जाना चाहिए। जहां व्यापक क्षेत्र में अस्पताल का निर्माण किया जा सके। साथ ही अस्पताल परिसर में पार्किंग की पर्याप्त जगह, डाॅक्टर व स्टाफ के लिए आवास का निर्माण किया जाए।

जहां शिक्षण संस्थान और अन्य सरकारी भवन नहीं हों वहां बनना चाहिए नए जिला अस्पताल का भवन स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े विशेषज्ञों का यह मानना है कि अस्पताल भवन का निर्माण किसी ऐसे स्थल के पास होना चाहिए जहां शिक्षण संस्थान व अन्य सरकारी भवन न हों। बता दें कि इससे पहले जिला अस्पताल के लिए कंचनपुर में सीएमएचओ कार्यालय के पास जमीन चिंहित की गई थी, लेकिन इस स्थल को शहर से अधिक दूर होना बताकर प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। अब नए अस्पताल भवन के लिए चिंहित भूमि से जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अफसर जिले के सभी विकासखंड मनेंद्रगढ़, भरतपुर, सोनहत एवं खडगवां-चिरमिरी के लोगों को सुविधा मिलने का दावा कर रहे हैं। भवन निर्माण के लिए सीजीएमएससी ड्राइंग डिजाइन तैयार कर रही है, जल्द ही टेंडर प्रक्रि]या के साथ काम शुरू होगा।

भवन के लिए पहले इंडोर स्टेडियम का था प्रस्ताव
बता दें कि जिला अस्पताल के लिए जिस स्थान को चिंहित किया गया है। उस स्थान पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने पहले ही इंडोर गेम के साथ स्विमिंग पूल व अन्य विकास कार्य कराने संबंधी प्रस्ताव शासन के पास पहले ही भेज रखा है। ऐसे में शिक्षण संस्थाओं के पास अस्पताल का निर्माण करवाना स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से भी गलत होगा।

जिले के हिसाब से स्थान सही
सीएमएचओ डाॅ. रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जिले के सभी ब्लाॅक व शहरवासियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एनएच किनारे अस्पताल का निर्माण करवाया जा रहा है। पहले कंचनपुर में 10 एकड़ जमीन का चयन किया था। लेकिन यहां तक पहुंचने में लोगों को परेशानी होती।

निर्माण के लिए राशि मंजूर
कलेक्टर एसएन राठौर ने बताया कि जिला मुख्यालय के ग्राम तलवापारा में जिला अस्पताल एवं अन्य भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने के बाद 33 करोड़ 5 लाख की स्वीकृति दी गई है।

क्षेत्र के लिए होगा दुर्भाग्य
पूर्व नपा अध्यक्ष शैलेष शिवहरे ने कहा कि चयनित स्थल जिला अस्पताल के लायक नहीं है। अस्पताल के लिए 10 एकड़ जमीन चिंहित की जानी चाहिए थी। नपा उपाध्यक्ष सुभाष ने कहा कि चिंहित जगह जिला अस्पताल के लिए उपयुक्त नहीं है, यह कॉलेज व क्षेत्र के लिए दुर्भाग्य होगा।

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