मजबूरी की कहानी:जलगलपारा में स्वच्छ जल नहीं, ढोंढी का गंदा पानी पी रहे ग्रामीण पलायन की तैयारी में

बैकुंठपुर6 महीने पहले
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फोटो- अमित सोनी - Dainik Bhaskar
फोटो- अमित सोनी
  • बैकुंठपुर के इंदरपुर में 50 पंड़ो परिवाराें को पानी तक की किल्लत

जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर इंदरपुर पंचायत के केराझरिया जलगलपारा की यह तस्वीर... प्यास बुझाने के लिए पानी की कहानी बयां कर रही है। बता दें कि गांव में रहने वाला 50 पंडो परिवार के 200 सदस्य ढोंढी के पानी के सहारे हैं। यहां लगा हैंडपंप अरसे से बिगड़ा पड़ा है, शिकायत के बाद भी इसे सुधारा नहीं गया।

पूर्व उप सरपंच शिवलाल का कहना है कि पूर्व मंत्री भइयालाल राजवाड़े से कहा था, अब चुनाव के बाद यहां विधायक ने भी गांव का दौरा नहीं किया है। ऐसे में अपनी समस्या किससे कहें। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थिति न सुधरी तो वे परिवार सहित गांव छोड़ देंगे। क्योंकि सुबह से शाम तक ग्रामीण पानी के लिए लाइन लगाए इसी ढोढ़ी में अपनी बारी का इंतजार करते हैं। जिपं अध्यक्ष रेणूका सिंह ने बताया कि जहां अधिक पेयजल समस्या है, वहां प्राथमिकता से काम कराएंगे। संसदीय सचिव अम्बिका सिंहदेव ने बताया कि जिन गांव में पानी की दिक्कत है, समाधान जल्द करेंगे।

ग्रामीणों का दर्द अफसर नहीं सुन रहे

जलियाडांड के रघुबीर सिंह, दलबीर सिंह, अमरजीत सिंह, राम सिंह, संतोष सिंह, लीलावती, इंजियारों बाई समेत ईश्वर दयाल कश्यप का कहना है कि उन्हें मजबूरी में गंदा पानी पीना पड़ रहा है। कई बार अधिकारियों को बताया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

सिर्फ 48 हैंडपंप बंद है : पीएचई

पीएचई विभाग के रिकार्ड में जिले के पांचों ब्लाॅक में 12 हजार 6 सौ हैंडपंप में से सिर्फ 48 हैंडपंप के बंद हैं। जबकि हकीकत में करीब 4 हजार हैंडपंप फरवरी आते-आते ड्राय हो जाते है, जबकि हर पंचायत में 12 से 15 हैंड पम्प खराब हैं।

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