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लेटलतीफी:अफसरों का दावा- इसी माह पूरा हो जाएगा पुल का काम, ठेकेदार ने कहा- कम से कम महीनाभर समय और लगेगा

अंबिकापुर2 दिन पहले
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अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर खड़गवां में महान नदी पर निर्माणाधीन पुल। - Dainik Bhaskar
अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर खड़गवां में महान नदी पर निर्माणाधीन पुल।
  • अंबिकापुर से प्रतापपुर व यूपी को जोड़ने वाले मार्ग पर 11 करोड़ से बन रहा पुल का निर्माण अधूरा

अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग में 11 करोड़ की लागत से 15 माह देरी से बन रहे पुल का निर्माण अभी भी पूरा नहीं हो सका है। अभी भी रेलिंग का काम अधूरा है और इसके बाद भी बाइक सवार लोगों को आने-जाने दिया जा रहा है, जिससे हादसे का डर है। सेतु विभाग के अफसरों का कहना है जुलाई तक निर्माण पूरा करने कहा गया है, लेकिन काम में लगे ठेकेदार कह रहे हैं कि पुल का 100 प्रतिशत निर्माण पूरा करने में कम से कम माह भर का समय और लग जाएगा।

अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर खड़गवां में महान नदी पर 2018 में पुल का निर्माण शुरू किया गया। निर्माण मार्च 2020 तक पूरा करना था, लेकिन अब भी पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ। अभी भी दोनों साइड रेलिंग व पुल के बाहर दोनों साइड रोड़ के किनारे सीमेट के पोल नहीं लगे हैं। इन्हें इसलिए लगाया जाता है, ताकि किनारे से सड़क न बहे। वहीं तेज बारिश से रपटा पुलिया के ऊपर से पानी जाने लगता है और मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। ऐसे में बाइक सवार कुछ दिनों से जोखिम लेकर अधूरे पुल का ही उपयोग कर रहे हैं जबकि पुल में कई निर्माण सामग्री भी बिखरी हुई है, जिन्हें बचाकर चलना होता है। वहीं बिना रेलिंग पुल से और भी खतरा होता है।

1996 में बना पुल सन 2015 में बह गया था
रात के समय यहां से हादसे का खतरा और भी बढ़ जाता है। अफसरों का कहना है कि आपातकाल के लिए अधूरे पुल से बाइक व कार वालों को आने-जाने दे रहे हंै। महान नदी में मध्यप्रदेश के जमाने में 1996 में पुल बनकर पूरा हुआ था। तब उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने किया था, लेकिन वह पुल 2015 में बह गया। यानी वह पुल 20 साल भी नहीं चला। इसके बाद परेशानी बढ़ी और अब तक राहत नहीं मिली है। हालांकि इसका निर्माण पूरा होते देख इलाके के लोग खुश हैं।

पुल नहीं होने से 30 किमी का अधिक सफर
महान नदी पर पुल नहीं होने से बरसात के दिनों में 5 साल से लोग परेशान हैं। बता दें कि निर्माण पूरा नहीं होने से प्रतापपुर इलाके के 15 किमी रेंज के 20 पंचायत के लोगों को अंबिकापुर जाने के लिए बनारस मुख्य मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। इससे उन्हें 30 किलोमीटर अधिक चलना पड़ता है और अब इस पुल के पूरा होने से लोगों की परेशानी दूर होगी। वहीं अब लोग अंबिकापुर से बनारस जाने इसी मार्ग का उपयोग करेंगे और बनारस मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव भी कम हो जाएगा।

किसानों को भी मिलेेगी राहत, ट्रांसपोर्ट में सुविधा
पुल के बन जाने से तीन माह बाद गन्ना किसानों को ट्रैक्टर-ट्राली से गन्ना लेकर शक्कर कारखाना केरता जाने में दिक्कत नहीं होगी। क्योंकि, किसानों के ट्रैक्टर अस्थाई रूप से बनाए गए रपटा पुल में दुर्घटना ग्रस्त हो जाते थे। ट्राली पलटने से पिछले साल बाइक सवार एक शिक्षक की मौत हो गई थी। बता दें कि रपटा का निर्माण दो करोड़ की लागत में बना था। वहीं पुल बन जाने के बाद महान कोल माइंस से कोयला का ट्रांसपोर्ट भी बाधित नहीं होगा।

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