परेशानी:दशहरे पर भी रेलवे ने नहीं शुरू की चंदिया, रीवा, शहडाेल के लिए ट्रेनें , दीपावली पर घर जाने वालों की बढ़ेगी मुसीबतें

बैकुंठपुरएक महीने पहले
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  • त्योहारी सीजन में चिरमिरी व बैकुंठपुर रोड स्टेशन से रद्द हुई ट्रेनों के परिचालन की आस पर यात्रियों को मिली निराशा

कोरोना ने ट्रेन सेवाओं का संचालन बिगाड़ रखा है। विगत 23 मार्च से जिले के रेलवे स्टेशन से कई ट्रेनाें का संचालन बंद है। कोरोना संक्रमण में आई कमी और त्योहार सीजन काे देखते हुए लाेगाें काे उम्मीद थी कि रेलवे जिले के चिरमिरी व बैकुंठपुर रोड स्टेशन से बंद ट्रेनों को शुरू कराएगा, लेकिन अब उनकी उम्मीदाें पर पानी फिर गया है। ऐसे में दीपावली के अवसर पर जिले से मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात समेत उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल अपने घर जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बंद ट्रेन शुरू नहीं होने से यात्रियों को आने-जाने में बड़ी असुविधा होगी।

दरअसल, जिला कोयलांचल क्षेत्र होने के कारण यहां कई प्रांत के लोग रहते हैं। यहां से बिलासपुर, रायपुर के अलावा एकलौते मध्य प्रदेश को छोड़कर कहीं और जाने के लिए सीधे ट्रेन की सुविधा नहीं है। इस बीच लाेगाें काे मध्यप्रदेश के चिरमिरी-चंदिया, चिरमिरी-रीवा, अंबिकापुर-शहडोल के लिए पैसेंजर, शटल ट्रेन की सुविधा मिलने से थाेड़ी राहत मिलती, यह अन्य प्रदेशों के लिए चलने वाली ट्रेनों के समय अनुसार लिंक देती थी। मगर कोरोना संक्रमण के कारण रद्द ट्रेनों को अब तक शुरू नहीं किया गया है।

रेलवे बाेर्ड ने बिलासपुर-चिरमिरी पैसेंजर को एक्सप्रेस बनाकर सुविधा दी है। वहीं अंबिकापुर-जबलपुर व अंबिकापुर दुर्ग के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेन का स्टॉपेज केवल बैकुंठपुर रोड में दिया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के लिए दूसरी ट्रेन नहीं हाेने से यात्री या ताे अनूपपुर तक चलने वाली मेमू के सहारे ट्रेन बदल-बदल कर अतिरिक्त खर्च और समय का भार उठा रहे हैं, या डायरेक्ट ट्रेन या बस नहीं हाेने से मनेंद्रगढ़ से बसें बदल रहे हैं। कुल मिलाकर काेराेना के दाैर में यात्री चाहकर भी खुद काे सुरक्षित नहीं रख पा रहा है। यात्रियाें की मांग है कि जबलपुर-अंबिकापुर, अंबिकापुर-दुर्ग ट्रेन का स्टापेज जिले के सभी स्टेशन पर पहले की तरह दिए जाएं। इसके साथ ही बंद ट्रेन शहडोल-अंबिकापुर, अंबिकापुर-बिजुरी-बिलासपुर, चिरमिरी-रीवा, चिरमिरी-दमोह, चिरमिरी-चंदिया ट्रेन को शुरू किया जाए। जनपदवासियाें का कहना है कि कोरोना संक्रमण के केस घट चुके हैं फिर भी ट्रेन सुविधा से उन्हें वंचित किया जा रहा है।

लंबी दूरी की ट्रेनें फुल, पैसेंजर की सुविधा नहीं
त्योहार नजदीक है। घरों में अभी से दीपावली और छठ पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रवासी घर पर परिवार के साथ त्योहार मनाने को लेकर उत्सुक हैं, लेकिन रेलवे अभी से राह का रोड़ा बन गया है। दशहरा में ट्रेनों के शुरू हाेने की उम्मीदें थीं, लेकिन स्थिति अब तक सामान्य नहीं हुई है। दीपावली और छठ के मद्देनजर पहले ही उत्तर प्रदेश, बिहार जाने वाली ट्रेनों में नो-रूम जैसी स्थिति है।

रात में पहुंचाती है ट्रेन, टैक्सी वाले लेते हैं मनमाना किराया
जबलपुर से चलकर अंबिकापुर जाने वाली स्पेशन ट्रेन बैकुंठपुर स्टेशन में रात करीब 8.40 में पहुंचती है। इस दाैरान यहां से बरबसपुर, नागपुर, चिरमिरी जाने वाले यात्रियाें काे कोई साधन नहीं मिलता है। मजबूरी में यदि प्राइवेट टैम्पाे, टैक्सी की बुकिंग करें 20 से 40 किमी के लिए उन्हें 800 से 1200 रुपए तक किराया देना पड़ता है। सिटी बस के बंद होने से टैक्सी ड्राइवरों की मनमानी बढ़ गई है।

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