पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मेडिकल कॉलेज अस्पताल का मामला:रघुनाथपुर से रेफर प्रसूता अस्पताल के गेट पर तड़पती रही, नहीं मिला स्ट्रेचर, जांच में संक्रमित मिली, मौत

अंबिकापुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • प्रसव के बाद ब्लीडिंग ज्यादा होने पर यहां लाए थे परिजन

मेडिकल कॉलेज अस्पताल की दहलीज तक पहुंची गंभीर रूप से बीमार एक महिला डयूटी में रहे मेडिकल स्टाफ की लापरवाही से जिंदगी की जंग हार गई। वह अस्पताल के सामने छटपटाती रही लेकिन कर्मचारी उसे अंदर ले जाने के बदले परिजन से स्ट्रेचर मंगवाते रहे। परिजनों को जब आधे घंटे तक स्ट्रेचर नहीं मिला तो नर्स ने अपने रूम से स्ट्रेचर दिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। रघुनाथनगर निवासी 23 वर्षीय सविता का ऑक्सीजन लेवल नीचे चला गया था। जांच में कोरोना पॉजिटिव मिली और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गयी। उसे प्रसव के बाद ब्लीडिंग ज्यादा होने से रघुनाथनगर से रेफर कर यहां लाया गया था।

परिजन को स्ट्रेचर लेने भेज दिया था प्रथम तल
रगुनाथनगर में प्रसव के बाद सविता को काफी ज्यादा खून का स्राव हो रहा था जिससे उसकी हालत खराब होते जा रही थी। परिजनों ने बताया कि रात में करीब ढाई बजे वे सविता को लेकर मेडिकल काॅलेज पहुंच गए थे। यहां अस्पताल में रहे डयूटी स्टाफ ने उन्हें स्ट्रेचर लेने के लिए प्रथम तल पर भेज दिया। वहां स्ट्रेचर नहीं मिला। हम लोग इधर उधर भटकते रहे। सविता गेट पर ही पड़ी रही। आधे घंटे बाद नर्स ने अपने रूम से स्ट्रेचर दिया। इसके बाद उसे जांच के लिए ले गये तो पता चला कोरोना है। कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।

महिला को समय रहते देखा, गम्भीर होने से मौत
अस्पताल के एमएस डॉ. लखन सिंह ने कहा कि महिला के परिजनों ने उनसे खुद कोई शिकायत नहीं की लेकिन मामले के बारे में पता चलने पर मैंने खुद वार्ड में जाकर इसके बारे में जांच की। महिला की हालत पहले से काफी खराब थी। प्रसव के बाद उसे काफी ब्लीडिंग हो रही थी। कर्मचारी और डॉक्टर महिला को ओटी में ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो गई।

खबरें और भी हैं...