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लापरवाही:सरपंच और सचिव घर पर चला रहे पंचायत, ग्रामीण परेशान

पटना12 दिन पहले
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  • चिरगुड़ा ग्राम पंचायत का कार्यालय जर्जर होने से सामुदायिक भवन में दी अनुमति, यहां भी नहीं पहुंचते

चिरगुड़ा गांव में पंचायत का कामकाज सरपंच, सचिव घर से चला रहे हैं। यहां पिछले 13 साल से पंचायत भवन में बैठक नहीं हुई है। ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े कामों के लिए कार्यालय नहीं बल्कि सरपंच, सचिव के घर जाना पड़ता है। यह गांव जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत है।

दरअसल ग्राम पंचायत चिरगुड़ा का पंचायत भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। कारण है कि पंचायत भवन में पिछले 13 साल से किसी प्रकार की बैठक नहीं हुई है और न ही पंचायत के काम काज के लिए पंचायत भवन का ताला खुला है। पंचायत कार्यालय चलाने के लिए सरपंच, सचिवों को सामुदायिक भवन में बैठने के लिए अनुमति मिली है, लेकिन सचिव यहां कभी-कभी ही बैठते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को जरूरी काम होने पर सरपंच, सचिव के घर जाना पड़ता है।

बता दें कि कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि सचिव समेत पंचायत कार्यालय से संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में समय दें, लेकिन बावजूद इसके पंचायत कार्यालय जर्जर होने का बहाना बनाकर सचिव व संबंधित अधिकारी-कर्मचारी आराम से घर में रहकर ही दफ्तर के कामकाज ही औपचारिकता निभाकर वेतन पा रहे हैं। कार्यालय में नियमित नहीं बैठने से ग्राम पंचायत का कामकाज प्रभावित हो रहा है और स्टाफ भी मौज कर रहा है।

ग्रामीण बताते हैं कि अक्सर ऐसा होता है जब घर पहुंचने पर सचिव, सरपंच व अन्य अधिकारी घर पर भी नहीं मिलते हैं। इससे काफी परेशानी होती है। सामुदायिक भवन को एक विकल्प के तौर पर कार्यालय चलाने के लिए दिया गया है, लेकिन सचिव व अन्य स्टाफ यहां रहना नहीं चाहते हैं। इस मनमानी से ग्रामवासी परेशान हैं।

पंचायत कार्यालय संचालन में बरती जा रही लापरवाही
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत कार्यालय भवन जर्जर होने के कारण कार्यालय संचालन के लिए दो वर्ष पहले सामुदायिक भवन की अनुमति दी गई थी, लेकिन यहां भी नियमित कार्यालय नहीं खुलता है। पंचायत कार्यालय संचालन में सरपंच, सचिव की ओर से लापरवाही बरती जा रही है।

ग्रामीण गलत बोल रहे हैं: सरपंच पति लाल बहादुर
मामले में सरपंच संगीता से संपर्क किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। घर पर मौजूद सरपंच पति लाल बहादुर सिंह ने बताया कि पंचायत भवन जर्जर हो गया है, पंचायत कार्यालय का संचालन सामुदायिक भवन में किया जा रहा है। कहा कि ग्रामीण गलत बोल रहे हैं, कार्यालय नियमित खुलता है।

कोरोना के समय घर से संचालित किया, लेकिन अब नहीं
ग्राम पंचायत चिरगुड़ा की सचिव प्रतीक्षा तिवारी का कहना है कि सभी आरोप गलत हैं। पंचायत कार्यालय जर्जर हो गया है इसलिए सामुदायिक भवन में कार्यालय संचालित करते हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान कुछ समय घर से काम संचालित किए गए थे। सामुदायिक भवन में रोज कार्यालय में बैठते हैं।

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