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नहीं रहा साथी:9 हाथियों से ऐसी दोस्ती कि 6 माह से उन्हीं के साथ जंगल में रहता था घोड़ा, दल से अलग हुए दंतैल हाथी ने मार डाला

अंबिकापुर19 दिन पहले
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कंडराजा गांव के घोड़े की बरिमा के जंगल में मिली लाश - Dainik Bhaskar
कंडराजा गांव के घोड़े की बरिमा के जंगल में मिली लाश

मैनपाट में जंगली हाथी ने एक घोड़े को मार डाला, जबकि घोड़ा हाथियों के दल के साथ 6 माह से रह रहा था। अचानक एक दंतैल हाथी आक्रमक हुआ और शुक्रवार रात को सूंड़ से पटक कर उसे मार दिया। बताया जाता है कि जब से हाथियों के साथ घोड़े कि दोस्ती हुई थी, तब से हाथी भी गांव में नहीं आ रहे थे। घोड़े की मौत पर उसके मालिक को मुआवजा देने प्रकरण बनाया है। कड़राजा के त्रिलोकी यादव के घोड़े की दोस्ती 9 हाथियों के दल से 6 महीने से थी।

तब से हाथियों के साथ वह जंगल में घूमता था। इसी बीच दल से अलग हुए एक हाथी ने उसे बरिमा के प्लांटेशन में मार दिया। हाथी-घोड़े के बीच 15 मिनट संघर्ष हुआ और हाथी ने सूड़ से उठाकर घोड़े को जमीन पर पटका तो उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि 6 महीने तक हाथियों ने ग्राम कंडराजा में कभी भी हमला नहीं किया। दो दिन पहले ही 9 हाथियों के दल ने ग्राम बरिमा में 3 घर तोड़ दिए थे। इस घटना के बाद वन विभाग के अफसरों ने मुआवजा प्रकरण तैयार किया है।

तनाव और अकेलेपन के कारण हाथी खतरनाक
घोड़े के साथ दुर्घटना होने का कारण दल से बिछड़ा हाथी है। अकेला घूमता हुआ लोनर हाथी खतरनाक होता है। ऐसे हाथी का व्यवहार अप्रत्याशित होता है। अकेलेपन के कारण वह तनाव में रहता है। घोड़े पर हमला करने वाला मस्थ हाथी भी हो सकता है। दोनों स्थिति नर हाथी को खतरनाक बनाती है। ऐसी स्थिति में जो भी सामने रहेगा नर हाथी उसका नुकसान कर सकता है। यही स्थिति बनी होगी।

17 हाथियों ने गांव के 38-40 मकान तोड़ दिए, सिर्फ घोड़े के मालिक का घर ही छोड़ा
^हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे ने बताया 5 साल पहले वे मैनपाट के ग्राम कंडराजा में रात में एक टीले से हाथियों की निगरानी कर रहे थे। 17 हाथी इस गांव में आकर नुकसान करते थे। बस्ती में लगभग 38-40 मकान थे, सभी घरों को हाथियों ने तोड़ दिया था। सिर्फ एक ही वह घर बचा था, जिस घर में यह घोड़ा बंधा था। उन्हाेंने बताया एक रात मैं उस टीले से देख रहा था कि हाथी बार-बार बंधे हुए उस घोड़े के पास आते थे और बिना नुकसानी किए लौट जाते थे।

घोड़ा हिन-हिनाकर उनकी बस्ती से वापस जाने अनुरोध या दोस्ती की अपील करता था, कुछ तो था। सारा घटनाक्रम मैं दूरबीन से देखता था, लेकिन यह आश्चर्य था कि सभी घर हाथियों ने जमीदोंज कर दिया था, लेकिन उस घोड़े स्वामी का घर आबाद रह गया था। बाद में यह घोड़ा हाथियों के साथ घूमते दिखा।

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