कोर्ट के आदेश पर भी 2 साल बाद नहीं हटाया:लक्ष्मणगढ़ के गोठान पर कब्जा, तीन गांव का विवाद होने पर मामला पहुंचा कोर्ट

उदयपुरएक महीने पहले
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लक्ष्मणगढ़ में गोठान के लिए चयनित स्थल पर 3 गांव का विवाद होने के कारण मामला न्यायालय में पहुंच गया था, जहां से 2 साल पहले आदेश होने के बाद भी अब तक कब्जा नहीं हटाया गया है और न ही गोठान का निर्माण शुरू कराया है। उदयपुर ब्लॉक के 59 पंचायतों में लक्ष्मणगढ़ के साथ केशगवां, पंडरीपानी व उदयपुर के साथ कई गांव में गोठान के काम में विरोध होने के कारण काम रुका है।

पंचायत सरपंच और सचिव के साथ ग्रामीण कई बार पंचायत बैठक करने के बाद भी निर्णय तक नहीं पहुंच सके हैं। इसके बाद जनपद सीईओ और राजस्व अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद हल्का पटवारी के साथ संबंधित अधिकारी भी मौके पहुंचे और विवाद की स्थिति को समझाइश देकर गोठान का काम शुरू करवाया। इसके बाद लोगों में आपसी अनबन होने के बाद काम पर रोक लगा दी गई।

कोर्स से जुर्माना लगा कब्जा हटाने का निर्देश
न्यायालय के आदेश पर पटवारी ने मौके पर पहुंचकर कब्जे वाली जगह खसरा नंबर 93/1 रकबा 33.036 हे. में 8 मीटर लंबे व 4 मीटर चौड़े मकान के साथ धान और मक्का की फसल बोने की रिपोर्ट सौंपी। इस पर न्यायालय ने कब्जाधारी के खिलाफ 27 सितंबर 2019 को 500 रुपए का जुर्माना लगा कब्जा हटाने निर्देश दिया। इसके बाद से दो साल बीतने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया है।

कब्जा करने वाले के खिलाफ ग्रामीण नाराज
मामले को लेकर लक्ष्मणगढ़ में महेशपुर व मानपुर के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में बैठक भी की। इसके बाद लक्ष्मणगढ़ के गोठान की जमीन पर एक व्यक्ति ने कब्जा कर मकान बना लिया। इसके खिलाफ ग्रामीणों ने विरोध किया और गांव के सुमारू राम यादव, शिवराम ठाकुर, जवाहर प्रसाद, धर्मेश कुमार, पंकज कुमार और इंद्र देव ने उदयपुर न्यायालय में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।

अधिकारी भी बोले- विवाद के कारण अटका काम
जनपद सीईओ पारस पैकरा ने कहा ब्लॉक के चार गांव में ग्रामीणों के आपसी विवाद और राजस्व व वन विभाग के बीच विवाद से गोठान का निर्माण अटका है। इसमें दो गांव का मामला न्यायालय में पहुंच गया। फैसला होते ही काम शुरू होगा। तहसीलदार सुभाष शुक्ला ने कहा न्यायालय प्रक्रिया के दौरान कब्जाधारी को हटा दिया था। यदि दोबारा एेसा होता है तो कार्रवाई करेंगे।

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