पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

फरमान:नवरात्रि में मूर्ति स्थापित करने वाली समिति पंडाल में लगाएगी सीसीटीवी कैमरे, श्रद्धालु संक्रमित हुए तो समिति कराएगी इलाज

अंबिकापुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोराेना काल में लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने शासन ने जारी किए दिशा-निर्देश

नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण व रोकथाम के लिए नवरात्र पर्व के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत मूर्तियों की ऊंचाई और चौड़ाई 6 गुणा 5 फीट से अधिक न हो। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15 गुणा 15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 3 हजार वर्ग फीट की खुली जगह हो। पंडाल व सामने 3 हजार वर्ग फीट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। एक पंडाल से दूसरे पंडाल की दूरी 250 मीटर से कम न हो। मंडप, पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने अलग से पंडाल न हो, दर्शकों व आयोजकों के बैठने के लिए कुर्सी नहीं लगाए जाएंगे। किसी भी एक समय में मंडप व सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर रखेंगे। इसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी लोगों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांन्टेक्ट ट्रेसिंग की जा सके। मूर्ति स्थापना करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगाएंगे, ताकि उनमें से कोई भी कोराना संकमित होने पर कांन्टेक्ट ट्रेसिंग की जा सके। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा, ऐसा पाए जाने पर संबंधित व समिति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सैनिटाइजर, हैंडवाॅश समेत अन्य व्यवस्थाएं रखनी जरूरी
मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनेटाइजर थर्मल स्क्रिनिंग, आक्सीमीटर, हैंडवाॅश व क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाए जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। यदि कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है, तो इलाज का पूरा खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति द्वारा वहन किया जाएगा।

कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं
कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विर्सजन के समय अथवा विर्सजन के बाद किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना व विर्सजन के समय और विर्सजन के बाद डीजे भी नहीं बजाए जाएंगे।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आप बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से अपने काम संपन्न करने में सक्षम रहेंगे। सभी का सहयोग रहेगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। घर के बड़े बुजुर्गों का मार्गदर्शन आपके लिए सुकून दायक रहेगा। न...

    और पढ़ें