कवायद तेज:दो सर्वे बाद भी नहीं हुआ चौड़ीकरण तीसरी बार सर्वे के लिए टीम गठित

बैकुंठपुर25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • मुख्यालय के गुजरी एनएच पर 9 करोड़ के डामरीकरण कार्य पर बना संशय

जिला मुख्यालय से गुजरने वाली नेशनल हाईवे 43 कलेक्टाेरेट-जमगहना मार्ग चौड़ीकरण की कवायद तेज हो गई है। हालांकि सड़क का चौड़ीकरण नेशनल हाईवे अथॉरिटी नहीं करेगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने युवाओं के हस्ताक्षर अभियान के साथ जनप्रतिनिधि, जनसमर्थन को देखते हुए 14 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति सड़क चौड़ीकरण में समन्वय के साथ निर्माण, निरीक्षण और पर्यवेक्षण का काम करेगी।

बायपास निर्माण के पहले से शहर की नेशनल हाईवे सड़क बदहाल है। बायपास शहर के बाहर से बनने के बाद शहर का विकास थम सा गया था। शहर की सड़क के लिए पहले दो बार सर्वे कराया गया, लेकिन चौड़ीकरण नहीं हुआ। अब एक बार फिर कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को नोडल अधिकारी नियुक्त कर जिला स्तरीय टीम का गठन किया है। इसमें 13 अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया है। दरअसल बायपास सड़क तैयार होने के बाद एनएचएआई शहर की सड़क का डामरीकरण करवाकर इसे पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर करने की तैयारी में है।

सड़क डामरीकरण के लिए करीब 16 किमी की सड़क डामरीकरण के लिए केंद्र सरकार ने करीब 9 करोड़ 75 लाख रुपए की स्वीकृति दी है, लेकिन सड़क की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण यह समय से पहले ही उखड़ने लगी है। मरम्मत का काम तक संबंधित विभाग ने शुरू नहीं किया। सड़क डामरीकरण अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हाेने की बात कही गई थी, लेकिन युवाओं की मांग है कि सड़क का पहले चौड़ीकरण किया जाए, फिर डामरीकरण कराई जाए। इसे लेकर अब 6 नवंबर को जिला प्रशासन ने आदेश जारी किया है, जिसमें मुख्य मार्ग कलेक्टोरेट से जमगहना तक सड़क चौड़ीकरण व शहर में सौंदर्यीकरण के लिए लोगों की मांग को ध्यान रखते हुए काम करने की बात कही गई है। इसकी निगरानी के लिए जिला पंचायत सीईओ की अगुवाई में 14 टीम का गठन किया गया है।

सालभर में शिफ्ट नहीं हुए बिजली के खंभे
नेशनल हाईवे 43 सड़क चौड़ीकरण को लेकर लंबे समय से प्रयास जारी है। मार्ग के दोनों और डेढ़-डेढ़ मीटर का निर्माण कराया जाना पहले से ही प्रस्तावित है। इसके लिए हाईवे की विद्युत लाइन पहले शिफ्ट करने की तैयारी की गई थी। शिफ्टिंग का काम एक साल पहले शुरू हुआ, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका है। सीएसपीडीसीएल का कहना है कि इसके लिए विभागीय बजट का अभाव बना हुआ है। इसके बाद हाईवे का चौड़ीकरण होगा।

इन अफसरों को फिर से सर्वे की दी जिम्मेदारी
जिला पंचायत कोरिया के सीईओ नोडल अधिकारी होंगे। वहीं एसईसीएल के जीएम, एडीएम, एएसपी, एसडीएम बैकुंठपुर, एनएच अंबिकापुर ईई, पीडब्ल्यूडी ईई, पीएचई ईई, सीएसपीडीसीएल के ईई, जिला शहरी विकास अभिकरण के प्रभारी अधिकारी, नगर निवेश के सहायक संचालक, नगर पालिका सीएमओ, तहसीलदार बैकुंठपुर, बीएसएनएल के जेटीओ सदस्य बनाए गए हैं। यह समिति सड़क चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण के कार्याे को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करते हुए निर्माण कार्य का निरीक्षण व पर्यवेक्षण कार्य करेगी।

अस्थायी अतिक्रमण से मिलेगा छुटकारा
अभी सड़क के दोनों तरफ नाला निर्माण नहीं होने से ठेला व फुटपाथ पर सामान रख कर लोक चिल्हर कारोबार कर रहे हैं। तो कुछ दुकानदारों ने शेड व चबूतरा निर्माण कर दुकान शुरू कर ली है। सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के बाद सड़क पर अस्थाई अतिक्रमण से राहत मिलेगी।

एक साल पहले ही कराया गया था सर्वे
जिला मुख्यालय में चौड़ीकरण के लिए एक साल पहले सर्वे हुआ था। हालांकि सर्वे रिपोर्ट नपाई जोखाई के बाद काम आगे नहीं बढ़ा। अब समिति बनने के बाद कहा जा रहा है कि एक बार फिर से सर्वे किया जा सकता है। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करके शासन स्तर पर भेजी जाएगी।

ट्रैफिक जाम की समस्या से मिलेगी राहत
बायपास बनने के बाद जिला मुख्यालय में विकास थम सा गया है। व्यापारी इससे चिंतित है, यहां बढ़ती आबादी तथा आवागमन के कारण रोज घंटों तक लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोग परेशान हैं। इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए यहां सड़क का चौड़ीकरण तथा नाला निर्माण करवाना प्राथमिकता के साथ जरूरी है। संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव ने कहा कि प्रयास है कि जल्द से जल्द जिला मुख्यालय की सड़क का चौड़ीकरण किया जाए। यह काम होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। सड़क हादसों का खतरा भी राहगीरों के साथ कम होगा।

खबरें और भी हैं...