फौजी जैसे कपड़े पहने हुए थे डकैतों:खुद को नक्सली बताया और घर से 5 लाख ले उड़े हथियारबंद डकैत

अंबिकापुर9 दिन पहले
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आर्मी जैसी ड्रेस में हथियारों से लैस डकैतों ने खुद को नक्सली संगठन का सदस्य बताकर शिक्षक व उपसरपंच के घर से दो लाख की नकदी और 3 लाख रुपए के जेवरात लूट लिए। घटना बलरामपुर जिले के चलगली इलाके के मानपुर की है। जहां आर्मी की ड्रेस में पहुंचे 12-15 डकैतों ने बंदूक की नोंक पर दोनों परिवारों को आधा घंटे तक बंधक बनाकर रखा। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वारदात का जायजा लिया।

जानकारी के अनुसार चलगली के मानपुर निवासी शिक्षक रविंद्र गुप्ता और उनके भाई उप सरपंच का घर अगल-बगल में बना हुआ है। बुधवार की रात करीब नौ बजे वह परिवार के साथ खाना-खाकर आग ताप रहे थे और दरवाजा खुला हुआ था। वहीं बिजली नहीं होने के कारण आसपास अंधेरा था। इसी दौरान चार बदमाश हाथों में हथियार लेकर घर में घुस आए। जिसमें तीन के हाथ में बंदूकें थी और एक के हाथ में लाठी थी। सभी आर्मी जैसी ड्रेस में थे। उन्होंने बंदूक की नोंक पर परिवार के सभी सदस्यों को बंधक बना लिया।

और खुद को नक्सली संगठन का सदस्य बताते हुए परिवार के सभी लोगों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद उनसे अलमारी और पेटियों की चाभी मंगाकर खुलवाने लगे। इस दौरान जब परिवार के सदस्य जल्दी लॉक नहीं खोल पाए तो एक डकैत ने खुद चाभियां लेकर खोला। वहीं तीन अन्य सदस्य सदस्यों पर बंदूक ताने खड़े रहे। इस दौरान आरोपियों ने अपना चेहरा छिपाने के लिए नकाब लगाया हुआ था। डकैतों ने घर से कुल दो लाख की नकदी और तीन लाख के जेवरात की लूट की और फरार हो गए। इस दौरान धमकी दी कि पुलिस में रिपोर्ट करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। पीड़ित शिक्षक के बड़े बेटे पार्षद व भाजपा नेता हैं, जो वाड्रफनगर में रहते हैं।

पहले इलाके में था नक्सलियों का आतंक
चलगली थाना क्षेत्र पहले नक्सल प्रभावित था और यहां नक्सलियों का आमदरफ्त रहता था। नक्सलियों ने इस इलाके में कई हत्या और मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया था, लेकिन अब हालत बिल्कुल बदल गए थे, लेकिन इस वारदात से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। शिक्षक परिवार का घर भी जंगल व पहाड़ से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर ही स्थित है।

एक किमी दूर तक सुबह दिखे जूताें के निशान
घर के अंदर घुसकर जब चार लोग वारदात को अंजाम दे रहे थे, तब घर के बाहर दस लोग लाठी डंडा से लैस होकर पहरेदारी कर रहे थे। वे सभी पैदल पहुंचे थे और सुबह जांच के लिए पहुंची पुलिस ने एक किलोमीटर दूर तक उनके पैदल जाने का निशान पाया, उनके जूताें का निशान दिखे।

घर के बारे में जानने वाला भी हो सकता है आरोपियों के साथ
जब वारदात को अंजाम दिया जा रहा था, तब दो छोटे बच्चे सो रहे थे। वहीं उप सरपंच और शिक्षक दंपती रविंद्र गुप्ता, ममता गुप्ता और तीन बच्चे और बेटा बहू कमलेश व अनिता घर में थे। शिक्षक के पुत्र वाड्रफनगर में रहते हैं और वे ठेकेदारी का काम करते हैं, रात में शिक्षक ने उन्हें उसकी जानकारी दी थी, लेकिन वे आरोपियों की धमकी से डर गए थे। शिक्षक पुत्र गुप्ता ने बताया कि आरोपी सामान्य स्थानीय भाषा का उपयोग कर रहे थे, उन्हें शक है कि आरोपियों के साथ उके घर के बारे में जानने वाला कोई व्यक्ति भी शामिल हो सकता है।

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