किसानों के धान की खरीदी नहीं हो पा:सुबह बादल साफ हुआ तो केंद्रों ने 158 किसानों से धान खरीद लिया, दाेपहर बाद बारिश शुरू हुई तो लौटाना पड़ा

बैकुंठपुर6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • जिले में अब तक 20 हजार 697 किसानों से 90 हजार 621.32 मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी, 12 हजार किसान बाकी

खराब मौसम और टोकन रद्द होने से कोरिया में किसानों के धान की खरीदी नहीं हो पा रही है। जिले के उपार्जन केंद्रों पर पिछले पांच दिन से धान खरीदी पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। शुक्रवार सुबह मौसम हल्का साफ हुआ तो समितियों में किसानों की भीड़ लग गई। इस बीच कुछ केंद्रों ने 158 किसानों से 622 मीट्रिक टन धान की खरीदी की, लेकिन दोपहर से मौसम का मिजाज फिर बिगड़ गया। धान बेचने पहुंचे कई किसानों को वापस लौटना पड़ा। इसी तरह खराब मौसम के कारण केंद्रों से दोपहर तक 575.20 मीट्रिक टन धान का उठाव ही हो सका है।

शुक्रवार शाम जिले के कई इलाकों में बूंदाबादी के साथ बारिश हुई। जिला मुख्यालय में भी बारिश के हल्के छींटे पड़े। बिगड़े मौसम से जिले के 41 उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर जारी खरीदी बूरी तरह से प्रभावित हो रही है। बारिश के कारण उठाव भी समय पर नहीं हो पा रहा है। कुछ केंद्रों से धान उठाव के प्रयास किए गए, लेकिन बारिश शुरू होने से धान उठाव रोकना पड़ा।

चिंता की बात यह है कि धान खरीदी को अब सिर्फ 12-13 दिन ही रह गए हैं। ऐसे में किसान और सहकारी कर्मचारी संघ खरीदी के लिए सरकार से समय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कोरिया जिले में अब तक 20 हजार 697 किसानों से ही धान खरीदी की जा सकी है। जबकि धान बेचने के लिए 33 हजार किसान पंजीकृत हैं। जिले में करीब साढ़े 12 हजार किसान धान नहीं बेच सकें हैं।

ऐसे में मौसम को देखते हुए 12 दिनों में यह संभव होता नजर नहीं आ रहा है। खाद्य विभाग के अनुसार कोरिया में अब तक 90 हजार 621.32 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। वहीं अब तक 39 हजार 453.64 मीट्रिक टन धान का उठाव 10 मिलरों के माध्यम से किया जा सका है। मौसम विभाग की माने तो 15 जनवरी के बाद मौसम साफ होने का अनुमान है। प्रशासन ने भी जिले में मौसम को देखते हुए शनिवार तक धान खरीदी बंद रखने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि जनवरी के शुरुआत से ही हो रही बारिश से धान खरीदी पर ब्रेक लगा हुआ है।

बारिश ने कमजोर कर दी धान उठाव की गति
खरीदी केंद्रों से धान उठाने के लिए महाभियान चलाया जा रहा था, लेकिन मौसम की वजह से इसमें ब्रेक लग गया है। जमीन गीली होने की वजह से भारी वाहनों को केंद्रों में नहीं लगाया जा रहा है। जिले में अब तक 90 हजार 621.32 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। जिसकी तुलना में केवल 39 हजार 453.64 मीट्रिक टन धान का उठाव ही हो सका है। अफसरों का कहना है कि मौसम को देखते हुए फिलहाल उठाव ठीक नहीं है, मौसम साफ होते ही बड़ी संख्या में मालवाहक लगाए जाएंगे। जिससे उठाव की गति बढ़ेगी।

लाखों का फसल तिरपाल के भरोसे, भीग रहा धान
लगातार हो रही बारिश से जिले में कुछ जगहों पर धान भीगने की खबर है, लेकिन ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। बारिश से धान को बचाने के लिए धान को तिरपाल से ढंककर रस्सी से बांधा गया है। करोड़ों का धान तिरपाल के ही भरोसे रखा गया है। अफसरों का कहना है कि धान खरीदी केन्द्र में बारिश से धान नहीं भीगा है, धान पूरी तरह सुरक्षित है। धान को किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं हुआ है। हालाकि केंद्रों में धान का बंपर स्टॉक मौजूद है। बड़ी मात्रा में मौजूद धान को सुरक्षित रखने में सोसाइटी कर्मचारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

कई किसानों से नहीं हो सकी खरीदी समय बढ़ाए राज्य सरकार : प्रभाकर
छग प्रदेश सहकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने राज्य सरकार से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। प्रभाकर ने कहा है कि बिगड़े मौसम बारिश के कारण धान खरीदी काफी प्रभावित हुई है। अभी भी मौसम साफ नहीं हुआ है। कई किसानों से खरीदी नहीं हो सकी है। खरीदी का समय बढ़ाना जरूरी है।

मौसम खराब होने के कारण मना करने के बावजूद भी आए किसान
खाद्य विपणन अधिकारी बुद्धिमान टेकाम ने बताया कि खराब मौसम के कारण धान खरीदी बंद है। जिन किसानों की धान तौल हो गई है, उसे सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। बहुत से किसान जिनको मौसम खराब होने के कारण खरीदी केंद्र में धान लेकर आने से मना किया गया, वह भी आ गए थे। अभी 31 जनवरी तक का समय है जो बचे किसान है उनकी धान तौल हो जाएगी।

खबरें और भी हैं...