गुंडागर्दी का आलम:कब्जा हटाने पहुंचा वन अमला तो महिलाओं और बच्चों को सामने कर ग्रामीणों ने गाली-गलौज की

अंबिकापुरएक महीने पहले
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कुल्हाड़ी बीट में भी 36 लोगों ने 20 से 25 हेक्टेयर जमीन पर किया कब्जा - Dainik Bhaskar
कुल्हाड़ी बीट में भी 36 लोगों ने 20 से 25 हेक्टेयर जमीन पर किया कब्जा

शहर से लगे हर्राटिकरा बीट में रातों-रात मकान बनने की सूचना पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे वन कर्मचारियों के साथ कब्जाकारियों ने महिलाओं और बच्चों को आगे कर गाली-गलौज और झूमाझटकी की। ग्रामीणों के बढ़ते गुस्सा को देख वन अफसरों को अतिक्रमण हटाए बिना ही लौटना पड़ा। इधर कुल्हाड़ी बीट में भी पिछले कई वर्षों से अवैध कब्जेधारी कब्जा जमाए हुए हैं।

करीब 20-25 हेक्टेयर वन विभाग की जमीन पर 36 लोगों का कब्जा चिन्हित किया जा चुका है। दलाल किस्म के लोग अपने हक की जमीन बताकर इसे बेच रहे हैं। स्थिति देख हुए वन कर्मचारियों ने कब्जा हटाने अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की है। अंबिकापुर वन मंडल अंतर्गत कुल्हाड़ी बीट में पिछले कई सालों से लगातार कब्जा किया जा रहा है। वर्ष 2015-16 के बाद से यहां की वन विभाग की 20-25 हेक्टेयर जमीन पर 36 लोगों ने कब्जा किया हुआ है। इनमें कुछ लोग तो पिछले 20 से 25 वर्षों से जमे हुए हैं। जांच के बाद कब्जेधारियों की सूची पहले के अफसरों ने विभागीय अफसरों के पास पहुंचाई भी है। इसके बाद भी इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने कोई प्रयास नहीं किया गया। आलम यह है कि कब्जेधारी यहां लगातार अपने दायरे को बढ़ाते जा रहे हैं।

मालिकाना हक बता वन विभाग की जमीन बेच रहे दलाल

वन विभाग की जमीन पर दलालों की नजर
वन विभाग की जमीन पर दलालों की नजर बनी हुई। यह दलाल वन विभाग की जमीन को अपने हक की जमीन बताते हुए अवैध रूप से बेच दे रहे हैं। इसके बाद उनकी ही शह पर अवैध कब्जेधारी अतिक्रमण हटाने पहुंचने वाली टीम के सामने महिलाओं और बच्चों को आगे कर जमकर विरोध करते हैं। इसकी जानकारी भी विभागीय अफसरों के पास पहुंचाई गई है, लेकिन ऐसे आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

घर बनाकर खेती भी कर रहे, अक्टूबर में भी झड़प
कुल्हाड़ी बीट में वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारी आसानी से घर बनाकर रह रहे हैं। इसके साथ ही आसपास की जमीन पर कब्जा कर खेती भी कर रहे हैं। अक्टूबर में नलकूप खनन और निर्माण करने की सूचना पर पहुंचे वन विभाग के अफसरों ने जब अतिक्रमणकारियों को रोकने की कोशिश की, तो कब्जेदार कर्मचारियों से ही भिड़ गए। इसके बाद यह कार्रवाई रोक दी गई।

रातों-रात बना लिया कब्जेदारों ने मकान
हर्राटिकरा बीट के मठपारा व गुजरापारा के जंगल में दलालों ने करीब दो डिसमिल जमीन अपने हक की बता बेच दी। इस पर रातों-रात मकान बनाया। इस सूचना पर मंगलवार को पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। कब्जेदारों ने महिलाओं व बच्चों को आगे कर वन दरोगा सहित कर्मियों के साथ गाली-गलौज और झूमाझटकी की। इसके बाद कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण अतिक्रमण हटाए बिना ही उन्हें लौटना पड़ा।

विभाग अपने ही कर्मियों पर कर देता है कार्रवाई
वन विभाग की कार्यप्रणाली आए दिन कटघरे में बनी रहती है। अफसरों के सपोर्ट नहीं मिलने के कारण कई अफसर कार्रवाई करने से बचते हैं। वहीं कुछ अफसरों ने कार्रवाई की तो उन्हें ग्रामीणों और राजनैतिक विरोध के बाद हटा भी दिया गया। अक्टूबर महीने में कार्रवाई करने गए वन रक्षक को अफसरों ने ग्रामीणों की शिकायत पर बीट से ही हटा दिया।

पुलिस के साथ मिलकर करेंगे कार्रवाई: डीएफओ
डीएफओ पंकज कमल ने बताया कि कब्जेदारों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार के मामले को पता करवाते हैं। निश्चित ही अतिक्रमण कारियों पर कार्रवाई की जाएगी। हर्राटिकरा बीट के दरोगा अमर सिंह कंवर ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए गए थे, लेकिन कब्जेदारों के विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा। अब अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। जल्द ही अतिक्रमण कारियों के खिलाफ पुलिस बल के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।

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