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ऑनलाइन क्लास का साइड इफेक्ट:महीनेभर में ही बच्चों के सिरदर्द, आंखों में खुजली और जलन के 15 फीसदी केस बढ़े

अंबिकापुरएक महीने पहले
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  • पहले ढाई घंटे क्लास का समय रहता है, फिर नोट्स भी मोबाइल पर बनवा रहे
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राजेश सिंह | लॉकडाउन में ऑनलाइन क्लास में प्राइमरी से लेकर हायर सेकंडरी स्कूल के बच्चे मोबाइल, कम्प्यूटर व लैपटाप पर आंखें गड़ाए पढ़ाई कर रहे हैं। इससे उनकी आंखों में दिक्कत बढ़ रही है। गुरुवार को भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि महीनेभर में अस्पतालों में आंखों में परेशानी वाले बच्चों की संख्या में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 
यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। मेडिकल काॅलेज अस्पताल में रोज ऐसे केस सामने आ रहे हैं। जून में ही यहां के नेत्र विभाग की ओपीडी में 423 मरीज पहुंचे। इसमें से बच्चों की संख्या 86 थी, जो कुल मरीज की 20 फीसदी है। यहीं पर जनवरी में 1148 मरीज पहुंचे थे, जिसमें बच्चों की संख्या 241 थी जो कुल मरीजों का 5 फीसदी है। जनवरी से मई तक औसत 5 से सात फीसदी के करीब है, लेकिन जून में इसमें अचानक बढ़ोतरी हुई है। डाॅक्टर इसकी वजह स्क्रीन टाइम को मान रहे हैं। सरगुजा में सरकारी व प्राइवेट करीब 24 सौ स्कूल हैं। इसमें 60 हजार के करीब बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं।

इन सुझाव पर अमल करने की जरूरत

  • मोबाइल, कम्प्यूटर की स्क्रीन की लाइट कम रखना चाहिए।
  • स्क्रीन से आंखों की दूरी कम से कम 30 सेमी रखना चाहिए।
  • हर 20 मिनट के बाद 20 सेकेंड तक आंखों को बंदकर रेस्ट दें।
  • कुछ समय के अंतराल पर आंखों को खोलकर पानी से धोएं।
  • आंखों से संबंधित व्यायाम करें, हरी सब्जी व पीले फल खाएं।
  • जलन, खुजली सहित आंखों में अन्य दिक्कत हो तो डाॅक्टर की सलाह लें।

बच्चों को सावधानी बरतने सुझाव भी नहीं दिया गया
स्कूल बंद हैं तो पढ़ाई भी जरूरी है, लेकिन इसके लिए जो माध्यम अपनाया गया है। उसमें कई तरह की सावधानियां भी बरतनी जरूरी है। इसको लेकर सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन क्लास से पहले या आखिरी में बच्चों को कोई ऐसी सूचना नहीं दी जाती है। जिससे कि वे इससे होने वाले नुकसान के बारे में जान सकें। यदि शिक्षक क्लास के समय ही इसको लेकर कुछ संदेश भी देते तो इससे बच्चों में होने वाले नुकसान कम हो सकता था।

कोरोना काल में पढ़ाई भी जरूरी, लेकिन आंखों की सुरक्षा के लिए ये बरतें सावधानी: भास्कर ने ऑनलाइन क्लासेस को देखते हुए नेत्र रोग विशेषज्ञ से इसकी सावधानी को लेकर बात की। डाॅक्टरों ने ने कहा कि पढ़ाई तो जरूरी है, लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं तो कुछ सावधानी बरतने से नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है।

यह समस्या भी सामने आई: दूर की चीज धुंधली दिखाई देने लगी है
धौरपुर निवासी 12 वर्षीय अमित पांडेय कक्षा चौथी में पढ़ता है। वह भी ऑनलाइन क्लास कर रहा है। स्कूल से मिले नोट्स भी वह मोबाइल से नोट करता है। इससे बीते एक महीने मोबाइल पर समय ज्यादा देने से उसकी आंखों में दिक्कत होने लगी है। उसे दूर की चीज धुंधली दिखाई दे रही थी। परिजन ने मंगलवार को मेडिकल काॅलेज अस्पताल में चेकअप कराया तो पता चला मोबाइल पर ज्यादा समय देने से उसे दूरदृष्टि दोष की शिकायत हो गई।

मोबाइल पर अधिक समय दिया: आंखों में जलन और खुजली बढ़ी
शहर से लगे भिट्‌ठीकला निवासी 11 वर्षीय प्रकाश राजवाड़े को लेकर परिजन बुधवार को मेडिकल काॅलेज अस्पताल पहुंचे थे। वह सरकारी स्कूल में कक्षा चौथी में पढ़ता है। प्रकाश की आंखों में पिछले कुछ दिनों से काफी जलन व खुजली हो रही है। वह भी मोबाइल पर अभी ज्यादा समय दे रहा है। डाॅक्टर ने जांच की तो पता चला कि उसकी आंखों में ड्राइनेस की शिकायत है। यह मोबाइल, टीबी, कंप्यूटर की स्क्रीन पर ज्यादा समय देने से अक्सर होता है। 

सीमित समय ही टीवी व मोबाइल पर व्यतीत करें
आंखों में कंजेक्टाइवा व कार्निया के टिश्यू पीयरफुल रहता है। यह आंखों में नमी बनाए रखता है। मोबाइल व टीवी आदि पर स्क्रीन टाइम बढ़ने से आंखों के टिश्यू को क्षति होती है। इससे आंखों में सूखेपन के साथ खुजली, जलन आदि की शिकायत होने लगती है। इससे बचने के लिए संबंधित व्यक्ति को सीमित समय तक ही मोबाइल व टीवी आदि पर सावधानी के साथ काम करना चाहिए। यदि कोई दिक्कत हो तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
-डाॅ. रजत टोप्पो, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल काॅलेज अंबिकापुर

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