सफर के लिए अब 50 की जगह 300 रुपए खर्च:बरबसपुर के दर्रीटोला या नागपुर में ट्रेनों के ठहराव की मांग

बरबसपुरएक महीने पहले
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कोरोना वायरस के केस में कमी के आने के बाद जहां देश के हर कोने में ट्रेनों का सफल संचालन होने लगा है। वहीं कोरिया जिले में रेलवे के उदासीन रवैये व क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता से ट्रेन का संचालन पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाया है, जिससे आमजन खासे परेशान हैं। एक तरफ केंद्र सरकार की ओर से रोजाना पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दामों से आमजन परेशान हैं, वहीं बसों में किराया भी अधिक वसूला जा रहा है।

ट्रेनों का भी संचालन नहीं करने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। क्षेत्र में आलम यह है कि लोगों को अनूपपुर तक बसों की सुविधा नहीं होने से प्राइवेट साधनों में सफर करना बहुत महंगा पड़ रहा है। लोग 2500 से 3000 तक भुगतान कर अनुपपुर तक पहुंच रहे हैं। वहीं तोड़-तोड़ कर यात्रा करने से बसों में 200 से 300 रुपए तक किराया लग रहा है। जबकि ट्रेन शुरू होने से 50 रुपए में सफर हो जाता था। चिरमिरी से बैकुंठपुर रोड तक जबलपुर व दुर्ग की ट्रेन पकड़ने के लिए बस से अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। दूसरी ओर लोगों की मांग है कि बरबसपुर के दर्रीटोला या नागपुर रोड में जबलपुर-अंबिकापुर, दुर्ग-अंबिकापुर का स्टापेज दिया जाए। संबंधित स्टेशनों में पैंसेजर के स्टापेज से रुट के यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

जिले में कोरोना मामले शून्य फिर भी सख्ती
कोरिया जिले में कोरोना के मामले शून्य है। हजार से पंद्रह सौ की जांच में 0 केस मिल रहे हैं। फिर भी पर्व के दौरान प्रशासनिक सख्ती जारी है।

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