फसल बीमा राशि का फर्जीवाड़ा, 4 कर्मियों पर केस:तत्कालीन बैंक प्रबंधक कुशवाहा, लिपिक रामकुमार, सूबेदार और भृत्य सुनील जांच में मिले दोषी

भैयाथान2 महीने पहले
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जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक में किसानों के खाते से रुपए हड़पने वाले अफसरों पर आखिरकार केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की लीपापोती में जुटे प्रशासन और बैंक के अफसर मीडिया में लगातार उछलते मामले और किसानों की बढ़ती शिकायतों के बाद हरकत में आए। प्रशासन की जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर बैंक के तत्कालीन 4 कर्मचारियों पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मालूम हो कि शाखा भैयाथान के सहकारी बैंक के अफसर-कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि का गबन किया है। इसकी शिकायत संबंधित विभागों सहित कलेक्टर से किसान कई महीनों से कर रहे हैं। किसानों की शिकायत पर कलेक्टर ने जांच दल कमेटी बनाई थी। उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि तत्कालीन बैंक प्रबंधक जगदीश कुशवाहा, लिपिक रामकुमार सिंह, सूबेदार सिंह और भृत्य सुनील यादव ने बैंकिंग प्रैक्टिस के विपरीत कूटरचित कागजात तैयार कर और बाहरी लोगों के सहयोग से किसानों के खाते में जमा प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि को किसानों की अनुमति के बिना ही उनके फर्जी हस्ताक्षर करते हुए राशि गबन करना पाया गया। इसके आधार पर कलेक्टर ने तत्काल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को संबंधित दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद किसानों के खाते से राशि निकालकर गबन करने वाले तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित तीन पर झिलमिली थाना में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। जांच दल की मानें तो सहकारी बैंक में कंप्यूटर ऑपरेटर ही दोषमुक्त हैं। बाकी सभी कर्मचारी तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित अन्य 3 लोगों पर फसल बीमा राशि फर्जीवाड़ा में संलिप्तता पाई गई है।

भृत्य ने कहा- फॉर्म क्यों भरवाया, मुझे पता ही नहीं
अफसराें पर आरोप लगाने वाला भृत्य सुनील यादव ने बयान में बताया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने मुझसे निकासी फॉर्म भरवाया, कहा बैंक के संभाग के अधिकारी व थाना भैयाथान के अधिकारी को पैसा देना है। इसलिए निकासी फॉर्म भर दो। मैंने उनके कहने पर निकासी फॉर्म भरा, लेकिन मुझे कौन से पैसे को निकाल रहे हैं, यह जानकारी नहीं थी। तत्कालीन शाखा प्रबंधक के निलंबन के बाद मुझे पता चला कि वह राशि प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि थी।

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